आईएस के लड़ाके ने किया था चाकू से हमला

ओपिनियन पोस्ट
Mon, 19 Sep, 2016 13:02 PM IST

वाशिंगटन। आतंकी अमेरिका से लेकर पूरी दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई के लिए कोई कारगर पहल नहीं की जा सकी है कि उनके शिविरों को पूरी तरह से नेस्‍तनाबूत किया जा सके। अमेरिका के मिनेसोटा के संत क्लाउड स्थित सेंटर मॉल में हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। शनिवार को मिनेसोटा के इस शॉपिंग मॉल में निजी सुरक्षा गार्ड की वर्दी में एक संदिग्ध हमलावर ने चाकू से हमला कर नौ लोगों को घायल कर दिया था। पुलिस की कार्रवाई में संदिग्ध हमलावर मारा गया था। आईएस से जुड़ी संवाद समिति ने दावा किया है कि वह हमलावर आईएस से जुड़ा था।

शहर के पुलिस प्रमुख विलियम ब्लेयर एंडरसन ने पत्रकारों से कहा कि चाकू से लैस हमलावर हमले के दौरान अल्लाह का नाम ले रहा था। उसने एक व्यक्ति से यह भी पूछा कि क्या वह मुस्लिम है। उन्होंने कहा कि ऑफ-ड्यूटी (उस समय ड्यूटी पर तैनात नहीं) पुलिस अधिकारी की कार्रवाई में हमलावर मारा गया। इस मामले की जांच कर रही संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) के अधिकारी रिचर्ड थॉर्नटन ने कहा कि यह ‘संभवत: आतंकवादी कृत्य था।’ उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरूआती दौर में है और अभी यह पता नहीं चला है कि हमलावर ने इस हमले के बारे में किसी और से चर्चा की थी या नहीं।

आईएस से जुड़ी संवाद समिति ‘अमाक’ की तरफ से कल जारी बयान में कहा गया कि मिनेसोटा में चाकू से हमला करने वाला ‘आईएस का लड़ाका’ था और आईएस ने यह कदम उसके खिलाफ अभियान चला रहे गठबंधन सेना की कार्रवाई के विरोध में उठाया है। हमलावर के कथित रूप से सोमालियाई होने की खबर के बाद अमेरिका में रह रहे सोमाली समुदाय के लोग दहशत में है। सोमाली समुदाय के स्थानीय नेता मोहम्मौद मोहम्मद ने इस हमले की निंदा करते हुये कहा, ‘हम इस घटना के बाद डरे हुये है। हमारे समुदाय को निशाना बनाया जा सकता है। मैं यह साफ करना चाहूंगा कि मिनेसोटा में रह रहे हमारे समुदाय का आईएस या किसी अन्य इस्लामिक आतंकवादी समूह के साथ कोई संबंध नहीं है।’ अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हिलेरी क्लींटन ने आज मिनेसोटा, न्यूजर्सी और न्यूयार्क में कथित रूप से आतंकवादी हमले की निंदा की है। बता दें कि कल तीन हमलावरों ने मिनेसोटा मॉल में नौ लोगों को चाकू मारकर घायल कर दिया था। वहीं मेनहट्टन में बम विस्फोट से 29 लोग घायल हो गये थे और न्यू जर्सी में एक पाइप बम धमाका हुआ था, जिसमें कोई घायल नहीं हुआ था।

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