राजनीति

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राजनीतिक हिंसा का अंतहीन सिलसिला

सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले ने कहा था, बंगाल जो आज सोचता है, वह भारत कल सोचता है. गोखले की बातों से किसी को इंकार नहीं हो सकता, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद भी बं...

ईवीएम को लेकर थम नहीं रहा विवाद

इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन एक बार फिर चर्चा में है. देश के कुछ राजनीतिक दल ईवीएम के सहारे कई बार चुनाव जीतने और सत्ता सुख भोगने के बावजूद उसकी निष्पक्षता पर शक जता रहे हैं. जबकि इस बार ज्यादातर ईवीएम मे...

पलट गया पासा, राजा-महाराजा चारों खाने चित

लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस को जिन राज्यों से सर्वाधिक उम्मीदें थीं, उनमें कभी उसके गढ़ रहे मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ भी शामिल हैं. लेकिन, दोनों राज्यों के चुनाव नतीजों ने उसकी उम्मीदों पर...

एनडीए ने दोहराया 2014 का प्रदर्शन

मोदी लहर और मुख्यमंत्री रघुवर दास की मेहनत के दम पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में २०१४ का अपना शानदार प्रदर्शन दोहराते हुए १२ संसदीय सीटों पर जीत का परचम लहरा दिया. लेकिन, असली परीक्...

कैसे बचेगा माय और महागठबंधन

जैसा किसी ने नहीं सोचा, वैसा जनादेश बिहार की सियासत की नई पटकथा लिखने वाला है. एनडीए सूबे में 33 से ऊपर जाएगा, यह कहने वाले लोग तो कई थे, लेकिन उनके दावे में भरोसा कम झलकता था. वे पार्टी लाइन पर ऐसे द...

फिर अपराजेय साबित हुए पटनायक

23 मई की सुबह जब उत्सुकता भरे वातावरण में मतगणना शुरू हुई, तो भाजपा समर्थकों समेत कई लोग यह मानकर चल रहे थे कि शेष भारत की तरह यहां भी मोदी सुनामी का असर दिखेगा. लेकिन, वोटों की गिनती खत्म होते-होते म...

अर्जुन ने उठाया गांडीव निशाने पर ममता

आज पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस उसी मुकाम पर पहुंच गई है जहां आज से एक दशक पहले वाम मोर्चा था. इस चुनाव में भाजपा उसके लिए एक बड़ी चुनौती बन कर उभरी है. 2014 में दो सीट जीतने वाली पार्टी ने इस बार...

मुस्लिम समुदाय : प्रतिनिधित्व के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल हुई. अकेले भाजपा को 30३ सीटें मिलीं. इस बार विपक्ष ने मुस्लिम वोट पाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था. यही वजह है कि 2014 की तुलना में इस बार...

संसद में महिलाएं : संख्या तो बढ़ी,पूरे हक से वंचित

इस बार लोकसभा चुनाव में नारी शक्ति का असर दिखा तो सही, लेकिन अब भी आधी आबादी को पूरा हक मिलना बाकी है. महिलाओं को संसद में एक तिहाई सीटें देने की बात जुमलेबाजी से ऊपर नहीं गई. टीवी चैनलों पर होने वाली...

आप क्यों हो गई साफ

एक तथ्य यह भी है कि पार्टी के कई विधायकों ने लोकसभा चुनाव से खुद को दूर रखा. उन्होंने उम्मीदवारों को वह समर्थन नहीं दिया, जिसकी जरूरत थी. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि ऐसे विधायक अपने नेता यानी अरविंद...

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