साहित्य

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जलवा @2019

पूरा पैसा वसूल हो गया. जमकर चौके-छक्के लगे. एक से एक झक्कास लंतरानियां, बिंदास बोल. जुबान साफ  करने वाले खुद लजा गए कि क्या बोल गए हम! कहने के मतलब ने इस बार सरे बाजार कई सूरमाओं के कपड़े उतार लिए, सा...

बयान नहीं, बयाना

मेरे दिमाग में तो विकास की कई योजनाएं हैं. वैसे आप क्या चाहते हैं, आदेश करें, मैं तो आपका सेवक हूं. मतदाता की तल्खी के बावजूद उम्मीदवार की विनम्रता बरकरार थी. अगर आपकी पार्टी को बहुमत मिल गया, तो प्रध...

चिकोटी : बसंती को बनवा दो पीएम!

मेरे दिमाग में तो विकास की कई योजनाएं हैं. वैसे आप क्या चाहते हैं, आदेश करें, मैं तो आपका सेवक हूं. मतदाता की तल्खी के बावजूद उम्मीदवार की विनम्रता बरकरार थी. अगर आपकी पार्टी को बहुमत मिल गया, तो प्रध...

जूतागिरी बनाम नेतागिरी

विवेक किसके पास रह गया है? राहुल बाबा को देखो, चौकीदार को ‘चोर’ बताकर फंस गए. बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय. सुना तुमने, मुंबर्ई के सिक्योरिटी गॉड्र्स ने तहरीर दे दी थाने में. इल्जाम यह कि देश भर...

रंग-ए-लफ्फाजी

आपका भी कोई विरोधी हो सकता है भाई? आप तो लोकप्रिय, जनप्रिय एवं सर्वप्रिय चिंतक हैं देश के, मैंने बटरिंग की और नतीजा पॉजिटिव आया. भइया लाल फूलकर कुप्पा हो गए. भइया लाल पूरे होलियाना मूड में थे. पार्क म...

…. रमंते तत्र शांति!

मैंने छेड़ा, जरूर आप में कोई खोट नजर आती होगी भाभी जी को, अन्यथा एक हाथ से तो ताली भी नहीं बजती. आप अपनी उलझने वाली आदत छोड़ दीजिए. शास्त्रों में कहा गया है, यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता....

लोकतंत्र का 5वां खंभा

तुम्हीं बताओ मुन्ना, देश की दौलत से ऐश करने, महल-कोठियां बनवाने, जनता को धोखा देने, भाई के हाथों भाई का खून बहाने, कमीशन-रिश्वत खाने और दफ्तरों में सिर्फ गप्पें हांकने वाले लोग जब इस व्यवस्था के खंभे...

‘दस पैसे में दो चूरन की पुड़ियों वाले दिन’ याद दिलाने वाले प्रमोद तिवारी नहीं रहे

अजय विद्युत ये क्यों कहें दिन आजकल अपने खराब हैं कांटों से घिर गये हैं ,समझ लो गुलाब हैं… ​कानपुर के ठेठ कनपुरिया वरिष्ठ कवि, पत्रकार,  कविसम्मेलनों की जान, मंच पर  स्तरीय कविता और मनोरंजक कविता...

शवयात्रा में कितने आदमी थे

अजय विद्युत बुधवार को कुंवर नारायण जी की चिता में अग्नि लगी भी नहीं थी कि लोगों ने फोटो खींच कर फेसबुक पर पोस्ट करना शुरु कर दिया। उसे देख नवनीत पांडेय (बीकानेर, राजस्थान), कृष्ण मोहन झा (सिलचर, असम)...

पद्मभूषण व ज्ञानपीठ से सम्मानित कुंवर नारायण को भावभीनी श्रद्धांजलि

ओपिनियन पोस्ट साहित्य डेस्क प्रख्यात कवि कुंवर नारायण के निधन पर पूरे देश की साहित्यिक बिरादरी में शोक की लहर छा गई। नई कविता को पहचान देने वाले कुंवर नारायण हालाँकि सिनेमा और संगीत में भी अच्छी पकड़ र...

भूल जाओ हमें अब हमारा कोई ठिकाना नहीं

साहित्य अकादमी, ज्ञानपीठ पुरस्कार सहित दर्जनों साहित्यिक पुरस्कार विजेता पद्मभूषण कवि कुंवर नारायण का बुधवार सुबह 90 साल की उम्र में निधन हो गया है। इसी साल चार जुलाई को मस्तिष्काघात के बाद वे कोमा मे...

दिल्ली भी महिलाअाें के लिए असुरक्षित

सुनील वर्मा  चंडीगढ में एक आईएएस की ब्‍ोटी से बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष के बेटे विकास बराला द्वारा छेडछाड के बाद महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सुुर्खियों में हैं। खुलासा हुआ है कि चंडीगढ जैसे श...

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