साक्षात्कार

साक्षात्कार

काम में कोई अड़ंगे लगाएगा तो टकराव होगा

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक है। मूलत: सुलतानपुर के रहनेवाले संजय सिंह अन्ना आंदोलन के कुछ पहले ही केजरीवाल के संपर्क में आए थे और तब से उनक...

‘ओह, मुसलमान आ गया,  अब जरा बच के रहो’

मौलाना महमूद मदनी जमीयत उलेमा ए हिंद के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सदस्य होने के अलावा हाल में हिन्दुस्तान के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम रहनुमा के खिताब से नवाजे गए हैं। द रॉयल इस्लामिक स्ट्रेटजिक सेंटर,...

डंडे के जोर पर तो सपोर्ट मिलने से रहा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर 10 साल रहने के बाद दिग्विजय सिंह से जब भाजपा ने सत्ता छीनी तो उन्होंने प्रतिज्ञा की कि अगले 10 साल तक वह सरकारी सत्ता पद नहीं लेंगे। 2004 में केन्द्र में कांग्रेस की स...

काशीनाथ किन्हें मानते हैं हिंदी के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकार

हिंदी के मशहूर साहित्यकार काशीनाथ सिंह के इंटरव्यू के पहले भाग –मैं नामवर से कम नहीं- में आपने पढ़ा था उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को। दूसरे और अंतिम भाग में जानिए उनसे जुड़े कुछ और तथ्य और जानिए आज के...

मैं नामवर से कम नहीं : काशीनाथ सिंह

साठोत्तरी पीढ़ी ने हिंदी कथा साहित्य को नए मिजाज,  नई तल्खी, नए तेवर और नई बोली-बानी से रूबरू कराया। उस पीढ़ी के कथा लेखकों में जो नाम मीलों दूर से चमकता है, वह नाम है- काशीनाथ सिंह। लेकिन काशीनाथ को का...

घटिया हास्य का बोलबाला था, जंग छेड़ी तो मेरा विरोध किया

कैसी है हिंदी कवि सम्मेलनों की दुनिया? बीसवीं शताब्दी के शुरू में कानपुर में अंग्रेज रेजीडेंट के घर पर हिन्दी का पहला आधिकारिक कवि सम्मेलन होने की सूचना मिलती है। रेजीडेंट की पत्नी कविता लिखती थीं। उन...

सरकारों के भरोसे मत रहिए, उन्होंने कभी कुछ नहीं किया

क्या हिन्दी में कुछ भी सकारात्मक नहीं हो रहा और दुनिया की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है? सकारात्मक काम भी निश्चित रूप से हो रहा है। अगर मुझ जैसे अकिंचन कवि को गूगल हेडक्वार्टर्स बुलाकर भाषण कराता है, स्ट...

अंग्रेजी की जूठन पढ़ने को मजबूर हिन्दी के पाठक

कुमार विश्वास- युवाओं के चहेते कवि, केजरीवाल के भरोसेमंद दोस्त। सितारों जैसी स्टाइल और रईसों जैसे ठाठ के साथ सबसे ज्यादा पारिश्रमिक लेने वाले के तौर पर जाने जाते हैं। गूगल हेडक्वार्टर उनको हिन्दी पर भ...

अमिताभ बच्चन भी जेल में होते – अमर सिंह

कभी आप सपा के समग्र थे, केन्द्र सरकार के कई फैसलों, समझौतों के निर्णायक थे, क्या अब राजनीतिक गतिविधियों से दूर हो गये हैं? फिलहाल राजनीति हमसे दूर है। हमारी दैहिक व्याधि ने इसके लिए मजबूर कर दिया। वैस...

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