टेरर फंडिग में एनआईए ने और कसा अलगाववादियों पर शिकंजा

ओपिनियन पोस्ट
Wed, 06 Sep, 2017 17:16 PM IST

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग मामले में कथित तौर पर शामिल कारोबारियों के श्रीनगर के 11 और दिल्ली में 5 ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस दौरान एनआईए के अधिकारियों ने संदिग्ध स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।
यह छापेमारी उस समय की गई जब एक दिन पहले एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक फोटो पत्रकार शामिल है जो पथराव करने और सोशल मीडिया के जरिए सुरक्षा बलों के खिलाफ समर्थन जुटाने में कथित तौर पर संलिप्त था।
आज व कल की यह छापेमारी एनआईए की ओर से की गई गिरफ्तारियां 30 मई को दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा नेता हाफिज सईद बतौर आरोपी नामजद है।
एनआईए ने कश्मीर घाटी में अशांति पैदा करने के लिए आतंकवाद और विध्वंसकारी गतिविधियों को कथित तौर पर फंडिंग के मामले में 9 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उनके खिलाफ हवाला समेत अवैध माध्यमों के जरिए फंडिंग केस हैं। इसमें पथराव, स्कूल जलाना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़कर घाटी में शांति भंग करने के मामले शामिल हैं।
1990 के दशक की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के फलने-फूलने के बाद से यह पहली बार है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आतंकवादी और अलगाववादी संगठनों की फंडिंग को लेकर छापे मारे हैं।
एनआईए की टीम ने पिछले महीने भी श्रीनगर, हंदवाड़ा और बारामूला समेत जम्मू-कश्मीर में 12 जगहों पर छापे मारे। बारामूला जिला के कुंजर इलाके में अलगाववादी संगठन हुर्रियत कान्फ्रेंस से जुड़े जुहूर वताली के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी बाद में उन्‍हें गिरफ्तार भी कर लिया गया। एनआईए ने अपना फोकस अब कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाद गिलानी पर कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में अशांति और आतंकियों को फंडिंग के मामले में एनआईए गिलानी के बेटों नईम और नसीम से उनके पिता की भूमिका के बारे में कड़ाई पूछताछ कर चुकी है। सीनियर गिलानी को भी पूछताछ के लिए जल्द तलब किया जा सकता है। एक उच्‍च पदस्‍थ्‍स अधिकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते पूछताछ के दौरान दोनों भाइयों से पत्थरबाजों और आतंकियों को फंडिंग में उनके पिता की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे गए। इसके अलावा, गिलानी को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा और हिजबुल मुजाहिदीन की ओर से मिली चिट्ठियों और बाद में कथित तौर पर गिलानी द्वारा प्रदर्शनों और स्कूली व सरकारी इमारतों को जलाने से जुड़े आदेश देने के मामले में भी पूछताछ की गई। एजेंसी का अगला कदम खुद सैयद अली शाह गिलानी से पूछताछ करना होगा।

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