राहुल गांधी ने कहा हमने पिता के हत्‍यारों को माफ कर दिया

ओपिनियन पोस्‍ट ।
सिंगापुर में आईआईएम एल्युमिनाई छात्रों के साथ एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उन्‍होंने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्‍यारों को माफ कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पिता के हत्‍यारों को पूरी तरह से माफ कर दिया है। हांलाकि उन्‍होंने कहा कि कुछ सालों तक हम काफी परेशान थे और चोट भी लगीं, लेकिन किसी तरह हमने पिता के हत्‍यारों को पूरी तरफ से माफ कर दिया है। गौरतलब है कि श्रीलंका के आतंकवादी समूह एलटीटीई के प्रमुख प्रभाकरण के इशारे पर राजीव गांधी की 21 मई 1991 को आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी।

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी की हत्‍या के बारे में बात की। उन्‍होंने कहा कि यह एक कीमत उनके परिवार को चुकानी थी जिसके बारे में परिवार को पता था। क्‍योंकि जब आप कोई स्‍टैंड लेते है जो कई गलत शक्तियों के खिलाफ होता है तो आप मरेंगे।

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उन्‍होंने कहा कि हमें पता था कि मेरे पिता मरने जा रहे हैं। हमें पता था कि मेरी दादी मरने जा रही थीं। राहुल ने कहा कि मेरी दादी ने मुझसे कहा था कि मैं मरने जा रही हूं और मेरे पिता को मैंने कहा था कि वह मरने जा रहे हैं। उल्‍लेखनीय है कि अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी की उन्हीं के सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी थी। इस घटना के बारे में बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं जब 14 साल का था तब मेरी दादी की हत्या कर दी गई। जिन्होंने मेरी दादी की हत्या की उनके साथ मैं बैडमिंटन खेला करता था। इन घटनाओं के कारण आप एक विशेष वातावरण में रहते हैं, जहां दिन-रात आप 15 लोग आपके साथ रहते हैं। मुझे नहीं लगता ये कोई विशेष सुविधा है। ऐसी परिस्थितियों में रहना आसान नहीं है।’ कांग्रेस ने राहुल गांधी का यह वीडियो ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है।

राहुल ने कहा कि हमने हमारे पिता के हत्यारों को माफ़ कर दिया है। कारण चाहे जो भी हो, मुझे किसी भी प्रकार की हिंसा पसंद नहीं है। उन्‍होंने कहा कि भविष्य की रणनीति के लिए वर्तमान के प्रश्नों पर ध्यान देना जरूरी है। कांग्रेस इन प्रश्नों का समाधान जनता के बीच जा कर चर्चा के जरिये निकालेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सब को साथ ले कर आगे बढ़ना चाहती है, जबकि भाजपा देश के लिए महत्वपूर्ण फैसलों में भी सब को साथ रखने में विश्वास नहीं रखती। उन्‍होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है, संस्थानो को ज्यादा स्वायत्तता और फंड उपलब्ध कराने की भी आवश्यकता है।

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