हिंदुस्‍तान के दुश्‍मन सावधान

बालेश्वर (ओडिशा)।

भारत की बढ़ती सामरिक ताकत में दो नए अध्‍याय जुड़ गए हैं। इसलिए हिंदुस्‍तान के दुश्‍मनों को सावधान हो जाना चाहिए। किसी ने हिमाकत की तो उसे तबाह होते देर नहीं लगेगी। भारत ने देश में ही बने पृथ्वी 2 मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से शुक्रवार सुबह 9.56 बजे किया है जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा एस-400 डिफेंस सिस्टम पर डील पक्की हो गई है और जल्द ही ये भारत को मिल सकता है। यह डिफेंस सिस्टम एक साथ 36 मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। खासकर पाकिस्तान और चीन से हमले की स्थिति में भारत इस सिस्टम का बेहतर इस्लेमाल कर सकेगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जमीन से जमीन पर मार करने वाली पृथ्‍वी 2 मिसाइल का रेंज 350 किलोमीटर तक है। इस एडवांस मिसाइल का परीक्षण सफल रहा और मिशन के लक्ष्य पूरे हुए। पृथ्वी-2 मिसाइल में 2 प्रोपेलर इंजन लगे हैं और यह 500 से 1000 किलोग्राम वजनी आयुध ले जाने में सक्षम है। यह अपने लक्ष्य को सटीकता से निशाना बनाने के लिए अत्याधुनिक प्रणाली का इस्तेमाल करती है।

इससे पहले 21 नवंबर 2016  को इसी जगह से दो पृथ्वी2 मिसाइलों का एक के बाद एक परीक्षण किया गया था। इस 9 मीटर लंबी मिसाइल को 2003 में भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया गया था। यह पहली ऐसी मिसाइल है, जिसे डीआरडीओ ने इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत विकसित किया गया है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वैज्ञानिक ने कहा कि इस अत्याधुनिक मिसाइल को परीक्षण के लिए उत्पादन भंडार से चुना गया और यह परीक्षण गतिविधियां विशेष रूप से गठित सामरिक बल कमान (एसएफसी) ने की और डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने इस पर नजर रखी। बंगाल की खाड़ी में निर्धारित प्रभाव बिंदु के निकट तैनात पोत पर सवार टीम ने टर्मिनल गतिविधियों एवं मिसाइल के समुद्र में उतरने की निगरानी की।

S-400

रूस से मिलेगा डिफेंस सिस्टम

पीएम मोदी रूस के दौरे पर हैं। बृहस्‍पतिवार को व्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान कई समझौते हुए, जिनमें सबसे अहम रहा एस-400 डिफेंस सिस्टम। भारत और रूस के बीच मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर सालभर से ही बातचीत चल रही थी। समझा जा रहा है कि रूस की हामी के साथ ही यह डील अब पक्की हो गई है।

पिछले साल गोवा में हुए ब्रिक्स समिट के दौरान ही 32 हजार करोड़ से ज्यादा की डिफेंस डील हुई थी, जिसके तहत भारत रूस से पांच ‘एस-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ और 200 ‘कामोव केए-226 टी’ हेलिकॉप्टर खरीदेगा। 40 हेलिकॉप्टर रूस से आएंगे और बाकी देश में ही बनेंगे। मोदी के दौरे के बीच रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री रोगोजिन ने ऐलान किया है कि भारत को विमान भेदी मिसाइल प्रणाली एस-400 की आपूर्ति को लेकर प्रीकान्ट्रैक्ट तैयारियां जारी हैं।

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