अभिषेक रंजन सिंह, नई दिल्ली। भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट में लगे लालू प्रसाद यादव की मुहिम को झटका लगा है। राजधानी पटना में 27 अगस्त को होने वाली राजद अध्यक्ष लालू यादव की भाजपा भगाओ-देश बचाओ रैली में बसपा प्रमुख मायावती शामिल नहीं होंगी। हालांकि, लालू प्रसाद दावा कर रहे थे कि उनकी रैली में विपक्षी पार्टियों के कई नेता शामिल होंगे।जाहिर के मायावती के इस फैसले से राजद की विपक्षी एकता को झटका लगा है।

इस बीच बसपा के ट्‌वीटर हैंडिल से एक ट्‌वीट किया गया था, जिसमें विपक्षी एकता के नाम पर मायावती, अखिलेश यादव, लालू यादव, शरद यादव और सोनिया गांधी को एक पोस्टर में दिखाया गया था। लेकिन इस ट्‌वीट के बाद बसपा की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया जिसमें बताया गया है कि यह ट्‌वीट बसपा का नहीं है। इस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बसपा का कोई अधिकारिक ट्‌वीटर हैंडिल नहीं है। प्रेस रिलीज में बसपा प्रमुख मायावती की तरफ से कहा गया है कि पोस्टर गलत और शरारत से परिपूर्ण नजर आता है। बसपा हमेशा ‘सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय’ की बात करती है, जबकि ट्‌वीट में ‘बहुजन हिताय और बहुजन सुखाय’ की बात कही गई है।

इस प्रेस विज्ञप्ति से पहले बसपा के राज्यसभा सांसद और पार्टी वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्रा ने भी कहा था कि बसपा का कोई आधिकारिक ट्‌वीटर हैंडिल नहीं है और यह ट्‌वीट बसपा का नहीं है। गौरतलब है कि कल बसपा के अधिकारिक एकाउंट से विपक्षी एकता के नाम पर यह ट्‌वीट किया गया था। जिसमें विपक्षी एकता के लिए अखिलेश यादव, मायावती और सोनिया गांधी एक पोस्टर में नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बसपा की ओर से ऐसा कोई ट्‌वीट नहीं किया गया है।

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