नई दिल्ली।

देश भर में बारिश का प्रकोप जारी है। असम, गुजरात व ओडिशा में बाढ़ का तांडव नजर आ रहा है। बारिश के कारण असम में 60 व गुजरात में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और वायु सेना ने अब तक 400 से अधिक लोगों को बचाया है। गुजरात के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों की बारिश से नदियों एवं जलाशयों में जलस्तर बढ़ गया है।

उधर, राष्ट्रीय राजधानी में उमस भरा दिन रहा। अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी का स्तर 80 और 70 प्रतिशत के बीच घटता बढ़ता रहा।

असम में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 60 पहुंच गई है। राज्य के 21 जिलों में 10 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं। जलस्तर थोड़ा नीचे आने से बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार आया है।

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति बेकाबू है। भारी बारिश से रायगढ़ जिले में दो बड़ी नदियां उफान पर हैं। राज्य सरकार को रक्षा बलों से मदद की मांग करनी पड़ी है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, मोरीगांव जिले में एक व्यक्ति की मौत हो जाने से इस साल बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। बाढ़ से प्रभावित होने के बाद अकेले राज्य के गुवाहाटी में ही आठ लोगों की मौत हुई है।

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एक अन्‍य समाचार के अनुसार, बाढ़ के कारण असम में 15 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। पानी से घिरे असम के मजूली में तूफान के कारण 400 से अधिक घर नष्ट हो गए हैं। वहीं उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

असम में आधा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान डूबा हुआ है और 70 से अधिक जानवर मारे जा चुके हैं। दुर्लभ प्रजाति के एक सींग वाले गैंडे खतरे में हैं। प्रभावित जिलों में धीमाजी, बिस्वनाथ, लखीमपुर, सोनितपुर, दरांग, नलबारी, बरपेटा, बंगाइगांव, चिरांग, कोकराझार, धुबरी, सोपुथ सालमारा, गोलापारा, मोरीगांव, नागांव, कार्बी आंगलॉन्ग, गोलाघाट, जोरहाट मजुली, शिवसागर, चराईदेव, डिब्रूगढ़, करीमगंज और काचर जिले शामिल हैं।

यूपी,  बिहार के कई इलाकों में भी भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं में बारिश से आधा दर्जन रिहायशी मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में ढालीगाढ़ नदी में सड़क समा जाने से 13 गांवों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है।

देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर समेत कई इलाकों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अनुमान है। एएसडीएमए की रिपोर्ट के मुताबिक असम में 66,516 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। अधिकारियों के मुताबिक,  प्रभावित 25,000 से अधिक लोगों ने विभिन्न जिलों में सरकार द्वारा स्थापित 19 शिविरों में शरण ले रखी है।