अमरनाथ हमले के आतंकी मुठभेड़ में ढेर

श्रीनगर।

काजीगुंड में मुठभेड़ के दौरान संयुक्त ऑपरेशन टीम (सेना, एसओजी और सीआरपीएफ) ने तीन आतंकियों को मार गिराया। खुलासा हुआ है कि मारे गए तीनों आतंकी इसी साल अमरनाथ हमले में शामिल थे। इन आतंकियों की पहचान फुरकान, यावर बसीर और अबु माविया के रूप में हुई है। यह जानकारी जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने दी और बताया कि मारा गया आतंकी फुरकान लश्कर का डिविजनल कमांडर था।

सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान जान बचाने के लिए अनंतनाग स्थित मैटर्निटी अस्पताल में जा छिपे एक अन्य आतंकी को जिंदा पकड़ा है  और पांचवें की तलाश जारी है। दो आतंकी बीती शाम को ही मारे गए थे और तीसरे यावर का शव आधी रात के बाद करीब दो बजे बरामद हुआ।

बीते दोपहर आतंकियों ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोनीगाम काजीगुंड में जम्मू से श्रीनगर की तरफ आ रहे सैन्य काफिले पर हमला किया था। इस हमले में तीन सैन्यकर्मी जख्मी हुए थे, जिनमें से एक की बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी। इस बीच,  अन्य जवानों ने आतंकियों का पीछा कर उन्हें मुठभेड़ में उलझा लिया था।

दो पाकिस्तानी आतंकी फुरकान और अब माविया बीती शाम को ही मारे गए थे। उनके स्थानीय साथी यावर के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन देर रात गए तक उसका शव न मिलने के कारण और एक आतंकी की फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों को लगा था कि वह जिंदा है और वही फायर कर रहा है।

सोमवार को आधी रात के बाद करीब दो बजे गोलयों की बौछार पूरी तरह बंद होने के बाद जवानों ने जब तलाशी ली तो उन्हें हबलश कुलगाम के रहने वाले आतंकी यावर बशीर का गोलियों से छलनी शव मिला। वह इसी साल फरवरी में एक सुरक्षाकर्मी से उसका हथियार छीनने के बाद लश्कर में शामिल हुआ था।

सुरक्षाबलों को पता चला कि मारे गए आतंकियों के दो साथी मुठभेड़ के दौरान जान बचाने के लिए आतंकी समर्थक भीड़ के पथराव की आड़ ले अनंतनाग मैटर्निटी अस्पताल में जाकर छिप गए। सुरक्षाबलों ने तुरंत अस्पताल में दबिश दी और वहां से एक ही आतंकी पकड़ा गया। फिलहाल, उसके दूसरे साथी की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, अस्पताल से पकड़ा गया आतंकी संगम बीजबेहाड़ा के साथ हमजापोरा का रहने वाला रशीद अहम अलेई है। उसके पास से एक चाइनीज पिस्तौल और एक भरी हुई पिस्टल मैगजीन मिली है। उसके दूसरे साथी की तलाश की जा रही है।

रशीद ने बताया कि वह सैन्य काफिले पर हमले के समय यावर और फुरकान के साथ ही था। मुठभेड़ के समय वह अपने एक अन्य साथी के साथ बच निकला था। वह अगर पकड़ा नहीं जाता तो वह अपने साथी के साथ सुरक्षाबलों से हथियार लूटने की एक वारदात को अंजाम देने वाला था।

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