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राजनीतिक हिंसा का अंतहीन सिलसिला

सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले ने कहा था, बंगाल जो आज सोचता है, वह भारत कल सोचता है. गोखले की बातों से किसी को इंकार नहीं हो सकता, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद भी बं...

भगवा हुआ ब्रह्मपुत्र का पानी

असम पूर्वोत्तर भारत के इस राज्य में भाजपा ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सेंध लगाना शुरू कर दिया था. पूर्वोत्तर में साल 2014 के पहले भाजपा का कोई बड़ा आधार नहीं था, लेकिन उसने धीरे-धीरे यहां अपन...

कांग्रेस का बढ़ा वोट आप क्लीन बोल्ड

दिल्ली दिल्ली की राजनीति ने फिर करवट ली. भाजपा ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया और आम आदमी पार्टी की सारी संभावनाओं पर पानी फेर दिया. दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की...

आप क्यों हो गई साफ

एक तथ्य यह भी है कि पार्टी के कई विधायकों ने लोकसभा चुनाव से खुद को दूर रखा. उन्होंने उम्मीदवारों को वह समर्थन नहीं दिया, जिसकी जरूरत थी. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि ऐसे विधायक अपने नेता यानी अरविंद...

बाबुओं की समीक्षा

मोदी सरकार नौकरशाही को सुव्यवस्थित और गतिरोध दूर करने के लिए काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पिछले चार सालों के दौरान यानी 2015 और 2018 के बीच केंद्र ने 1100 से अधिक आईएएस अधिकारियों के सर्विस रि...

चाबी से नहीं, फिंगर टच से खुलता है ताला

भारतीय बाजार में अब स्मार्ट ताले भी आ चुके हैं, जिनमें फिंगर प्रिंट स्कैनर होता है, जो स्मार्ट फोन में दिए गए फिंगर प्रिंट स्कैनर की तरह काम करता है. यानी ताला उंगली टच करने से ही खुल जाता है. इस ताले...

मोदी का तूफान और न्याय का दीया

चुनावी राजनीति के अखाड़े में तार-तार होती मर्यादा ने इस बार पूरी तरह जता दिया कि उसने राजनेताओं की सहोदर होना छोड़ दिया है. जनसभाओं एवं रैलियों में लोगों को रिझाने के लिए राजनेताओं ने एक-दूसरे पर जिस...

भारी-भरकम जीत के अपने-अपने दावे

चुनावी कारवां गुजर चुका है, अब फिजां में सिर्फ गुबार ही गुबार है. आम जन को २३ मई का इंतजार है, जब ईवीएम नतीजे देना शुरू करेगी. हालांकि, मैदान में निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे बीजद और भाजपा ने अभी से एक-दू...

एक दुकान, हर समाधान

अफागर वे मुकदमे जिता सकते हैं, तो देश में व्याप्त बेरोजगारी क्यों नहीं दूर कर देते? अपराधियों का सया क्यों नहीं कर देते? नक्सलियों पर अपना जादू क्यों नहीं चलाते कि वे असलहे छोडक़र तेंदू पत्ते से बीड़ी...

विकास की आड़ में पहाड़ों की लूट

नेतरहाट की पहाडिय़ां अपने सौंदर्य के लिए देश भर में विख्यात हैं, लेकिन खनन कंपनियां उनकी सुंदरता पर ग्रहण लगा रही हैं. वे यहां की अपार खनिज संपदा लूटने पर आमादा हैं, जिससे आदिवासियों का जीवन दूभर हो गय...

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