ओपिनियन पोस्ट
विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उसका युवा मोर्चा बजरंग दल जल्द अपने गोरक्षकों को पहचान पत्र जारी करेगा। हाल ही में अल्पसंख्यकों और दलितों की गोरक्षकों द्वारा हुई हत्या और मारपीट के मामलों के सामने आने के बाद हुई संघ परिवार की किरकिरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत जंभेकर ने एक अख़बार से बातचीत के दौरान कहा, ‘कुछ लोग गायों की तस्करी को रोकने के नाम पर कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं, भगवा झंडा हाथों में लिए जय श्री राम के नारे लगा रहे हैं। ऐसे लोगों की वजह से हमारी संस्था का नाम खराब हो रहा है।’

जंभेकर ने कहा कि बीते दिनों हुई कुछ घटनाओं के बाद VHP ने फैसला लिया है कि गोरक्षा में लगे स्वयंसेवकों को आईडी कार्ड्स देंगे और उनके नाम स्थानीय पुलिस स्टेशनों में भी दर्ज करवाएंगे। इससे पुलिस के लिए यह जानना आसान होगा कि ऐसी घटनाओं में कौन शामिल है और कौन नहीं। इससे हमारे संस्था की भी बदनामी नहीं होगी।

इसी साल जुलाई में, निर्दलीय विधायक बच्चु कदू के प्रहार संस्था के 4 लोगों ने नागपुर में एक शख्स को कथित तौर पर बीफ ले जाने के आरोप में पीटा था। जिस शख्स को पीटा गया उसका नाम सलीम शेख है और वह बीजेपी की अल्पसंख्यक इकाई के प्रभारी रह चुके हैं।

शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया कि सलीम को पीटने वाले सभी लोग बजरंग दल के सदस्य थे। जंभेकर ने कहा, ‘हमारे कार्यकर्ता कभी भी कानून को हाथ में नहीं लेते। वे सिर्फ कानून के जरिए ही जानवरों की तस्करी और गैरकानूनी तौर पर बीफ व्यापार को रोकने का काम करते हैं। हालांकि, सलीम शेख पर हमला करने जैसे मामले हमारी बदनामी कराते हैं। लेकिन एक बार हमारे कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र मिल जाएंगे और पुलिस को उनके नामों की जानकारी हो जाएगी तो यह सब बंद हो जाएगा।’

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