NARENDRA MODI

NARENDRA MODI

गठबंधन पर भारी पड़ी भाजपा

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव में ८० में से ६२ सीटों पर भाजपा को जीत दिलाकर ऐलानिया साफ किया है कि मौसमी-मौकापरस्त सियासी जोड़-तोड़ के लिए उसके दिल में कोई जगह नहीं है. या...

कैसे बचेगा माय और महागठबंधन

जैसा किसी ने नहीं सोचा, वैसा जनादेश बिहार की सियासत की नई पटकथा लिखने वाला है. एनडीए सूबे में 33 से ऊपर जाएगा, यह कहने वाले लोग तो कई थे, लेकिन उनके दावे में भरोसा कम झलकता था. वे पार्टी लाइन पर ऐसे द...

फिर अपराजेय साबित हुए पटनायक

23 मई की सुबह जब उत्सुकता भरे वातावरण में मतगणना शुरू हुई, तो भाजपा समर्थकों समेत कई लोग यह मानकर चल रहे थे कि शेष भारत की तरह यहां भी मोदी सुनामी का असर दिखेगा. लेकिन, वोटों की गिनती खत्म होते-होते म...

भाजपा के सामने थी गंभीर चुनौतियां

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के लिए अपना पिछला प्रदर्शन दोहरा पाना एक बड़ी चुनौती थी. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को 41 सीटें मिली थीं, जिन्हें बरकरार रखना बहुत मुश्किल था. मराठा...

सड़क से संसद तक सिर्फ़ मोदी

यह चुनाव ऐतिहासिक है. इसलिए नहीं कि जीत ऐतिहासिक है. इसलिए कि इस चुनाव ने कई राजनीतिक मिथक तोड़ दिए हैं. इस चुनाव ने मुद्दों को पुनर्परिभाषित कर दिया है. इस चुनाव ने जाति-धर्म के नाम पर बनने वाले गठबं...

दिल्ली का बाबू : सीएम बनाम बाबू

चुनाव के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और राज्य के मुख्य सचिव एलवी सुब्रह्मण्यम के बीच अधिकारों को लेकर चली लड़ाई खासी चर्चा का विषय बनी. सूत्रों के मुताबिक, विवाद का मुख्य बिंद...

बाबुओं की समीक्षा

मोदी सरकार नौकरशाही को सुव्यवस्थित और गतिरोध दूर करने के लिए काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पिछले चार सालों के दौरान यानी 2015 और 2018 के बीच केंद्र ने 1100 से अधिक आईएएस अधिकारियों के सर्विस रि...

भारी-भरकम जीत के अपने-अपने दावे

चुनावी कारवां गुजर चुका है, अब फिजां में सिर्फ गुबार ही गुबार है. आम जन को २३ मई का इंतजार है, जब ईवीएम नतीजे देना शुरू करेगी. हालांकि, मैदान में निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे बीजद और भाजपा ने अभी से एक-दू...

एक दुकान, हर समाधान

अफागर वे मुकदमे जिता सकते हैं, तो देश में व्याप्त बेरोजगारी क्यों नहीं दूर कर देते? अपराधियों का सया क्यों नहीं कर देते? नक्सलियों पर अपना जादू क्यों नहीं चलाते कि वे असलहे छोडक़र तेंदू पत्ते से बीड़ी...

विकास की आड़ में पहाड़ों की लूट

नेतरहाट की पहाडिय़ां अपने सौंदर्य के लिए देश भर में विख्यात हैं, लेकिन खनन कंपनियां उनकी सुंदरता पर ग्रहण लगा रही हैं. वे यहां की अपार खनिज संपदा लूटने पर आमादा हैं, जिससे आदिवासियों का जीवन दूभर हो गय...

×