मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे ओडिशा के लिए मुश्किलों भरे हो सकते हैं। विभाग के मुताबिक ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तूफान की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ओडिशा में 24 घंटे में बदलने वाले हालात की वजह बंगाल की खाड़ी में उठने वाला समुद्री तूफान ‘मोरा’ है।

मोरा के खतरे को देखते हुए पूर्वी भारत में अगले 48 घंटों में तेज बारिश का अनुमान है, इनमें मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं।

सोमवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ शुरू हुई। ऐसा लग रहा है कि 1 जून से तक आने वाले मानसून ने अपना असर पहले से ही दिखाना शुरू कर दिया है। मानसून से पहले की बारिश कई जगह आफत बनकर आई है, तो काफी जगह गर्मी से राहत भी देखने को मिली है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर भारत में कई जगह हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है।

29-30 मई को भारी बारिश की चेतावनी के कारण समुद्र की ओर जाने वाले मछुआरों को वहां पर ना जाने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा जो भी मछुआरे वहां पर मौजूद हैं, उन्हें जल्द ही वापिस लौटने की सलाह दी गई है।

बिहार के पूर्वी और पश्चिम चंपारण जिले में रविवार को बारिश के दौरान हुए वज्रपात, आंधी और तूफान की चपेट में आकर 23 लोगों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पश्चिम चम्पारण में 6 पूर्वी चम्पारण में 5 जमूई में 4 मधेपुरा, मुंगेर, और भागलपुर में 2-2 मौते वैशाली समस्तीपुर में एक एक मौत की सूचना है हालांकि मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है।

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आपको बता दें कि बंगाल की खाड़ी में एक गहरे दबाव का क्षेत्र बन चुका है और यह तेजी से और ज्यादा ताकतवर होता जा रहा है। इस वेदर सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी में मानसून की दस्तक तेजी से बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक यह गहरा दबाव अगले 12 से 24 घंटे में एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। चक्रवाती तूफान बांग्लादेश में चटगांव के पास तट को पार करेगा। चटगांव पार करते ही इस तूफान की ताकत कम हो जाएगी और यह एक गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस वेदर सिस्टम की वजह से मानसून केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत में दस्तक दे देगा।