ओबामा की तरह ट्रंप भी रहेंगे भारत के अनुकूल

श्रीकांत सिंह।   

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के दूसरे कार्यकाल का बृहस्‍पतिवार को अंतिम दिन है। शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। ओबामा ने व्हाइट हाउस में अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदुओं के मुद्दे पर जो संकेत दिया है, उससे यह साफ हो गया है कि ट्रंप का झुकाव भारत की ओर रहेगा। भारत और अमेरिका दोनों देश दुनिया की तमाम समस्‍याओं के प्रति संजीदा रहे हैं।

इसके कई कारण हैं। दोनों ही देशों के लिए चीन चिंता का विषय रहा है। चीन कभी अमेरिका को अपमानित करने का प्रयास करता है तो कभी भारत को धमकी देता है। अर्थव्‍यवस्‍था की बात करें तो दोनों ही देशों को चीन खटकता है।

ओबामा ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वक्त में कोई हिंदू भी अमेरिका का राष्‍ट्रपति बन सकता है। दरअसल, भारत हमेशा अमेरिका के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण रहा है। हर अमेरिकी राष्‍ट्रपति भारत को अपने साथ रखने के पक्ष में रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां भी भारत के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं।

वैश्विक परिस्थितियां कुछ ऐसी हैं कि ट्रप भारत को अपने साथ रखने का पूरा प्रयास करेंगे। चुनाव के दौरान ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान दुनिया का सबसे खतरनाक देश है और इसके खिलाफ लड़ाई में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। इस प्रकार ट्रंप को भारत से उम्‍मीद है और भारत भी ट्रंप से उम्‍मीद कर सकता है।

महत्वपूर्ण मुद्दा ट्रंप कार्यकाल के दौरान चीन पर दोनों देशों की नीति का रहेगा। चीन दोनों देशों के लिए सामरिक रूप से चुनौती तो है ही,  आर्थिक रूप से भी प्रतिस्‍पर्धा बढ़ रही है। अमेरिका के खिलाफ जिस तरह से पिछले कुछ सालों में चीन ने नीतियां बनाई हैं, उनसे भारत और अमेरिका का चिंतित होना स्‍वाभाविक है।

चाहे पर्ल ऑफ स्ट्रिंग की नीति हो,  वन बेल्ट वन रूट की नीति हो या साउथ चाइना सी में चीन के बढ़ते दबदबे की बात। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक पटल पर अमेरिका और भारत जैसे देशों को किनारे लगाना है। इसके खिलाफ ट्रंप निश्चित रूप से भारत को साथ को लेकर चलेंगे क्योंकि दोनों ही देश,  एक ही बीमारी के शिकंजे में हैं।

बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इस बात के लिए धन्यवाद दिया है कि उनकी साझेदारी में भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहतर हुए हैं। ओबामा उन पहले नेताओं में से थे जिन्होंने मई 2014 में मोदी की जीत पर फोन कर बधाई दी थी और उन्हें अमेरिका आने के लिए आमंत्रित किया था। दोनों नेता सितंबर 2014 में व्हाइट हाउस में मिले थे।

तब से दोनों नेताओं में अब तक आठ बार मुलाकात हो चुकी है। यह किसी भारतीय-अमेरिकी नेता के बीच मुलाकात का एक रिकॉर्ड है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। ओबामा ने कहा है, ‘ट्रंप के साथ मेरी सौहादपूर्ण बातचीत हुई है और मैंने उन्हें अपनी हर तरह की सलाह देने की पेशकश की है।‘

 

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