उत्‍तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन

नई दिल्ली।

नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है जिसे संयुक्‍तराष्‍ट्र ने सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन माना है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को उत्तर कोरिया के एक और बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की निंदा की। इस परीक्षण से जापान में हड़कंप मचा हुआ है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में इस परीक्षण को लापरवाही भरा और खतरनाक कदम करार दिया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक के हवाले से कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा है कि यह फिर से सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का स्पष्ट उल्लंघन है।’ हक ने कहा, ‘उत्तर कोरियाई नेतृत्व को अपने अंतरराष्‍ट्रीय दायित्वों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए और कोरियाई प्रायद्वीप से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना चाहिए।’

महासचिव ने उत्तर कोरिया से दक्षिण कोरिया के बातचीत के प्रस्तावों, विशेष रूप से सैन्य से सैन्य स्तर पर वार्ता के प्रस्ताव को स्वीकार करने और साथ ही तनाव और गलतफहमी दूर करने की मांग दोहराई। पेंटागन ने कहा है कि प्रारंभिक मूल्यांकन दर्शाता है कि यह अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल थी।  पेंटागन के प्रवक्ता जेफ डेविस ने अपने बयान में कहा कि समुद्र में गिरने से पहले मिसाइल ने करीब 1,000 किलोमीटर की यात्रा की थी।

उत्तर कोरिया वर्षों से अमेरिका को ध्यान में रखकर अपने हथियारों को विकसित कर रहा है। यहां तक कि परमाणु हथियारों को ले जाने वाली मिसाइलों तक का परीक्षण कर रहा है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने कहा है कि अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का दूसरा परीक्षण यह दिखाता है कि उनका देश अमेरिका के मुख्य भूभागों तक हमला कर सकता है।

परीक्षण के घंटों बाद विश्लेषकों ने कहा कि लॉस एंजिलिस और शिकागो समेत अमेरिका के ज्यादातर इलाके अब उत्तर कोरियाई हथियारों की जद में हैं। नॉर्थ कोरिया ने एक बयान में कहा है कि यह मिसाइल पूरे अमेरिका को अपनी जद में लेती है।

 

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