KEJRIWAL

हेडिंग पढ़ कर चौंकना मना है. क्योंकि राजनीति में कभी भी, कुछ भी हो सकता है. तो फिर आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव में अगर ये नारा सुनने को मिल जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है. वैसे भी अरविन्द केजरीवाल मूलत: हरियाणा के हिसार जिले से आते है और पिछले 1 साल से हरियाणा की राजनीति में बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं.

भले ही हरियाणा में चुनाव अभी दूर है लेकिन केजरीवाल दूध का जला…मुहाबरे से सबक लेते हुए पंजाब की गलती नहीं दुहराना चाहते है. हरियाणा में पार्टी की हर एक गतिविधि पर वे खुद नजर रख रहे है और लगातार पार्टी पदाधिकारियों और वॉलंटियर्स के साथ मीटिंग कर रहे हैं. केजरीवाल तकरीबन हरेक सप्ताह हरियाणा का दौरा कर रहे है और स्कूल-अस्पताल के मुद्दे पर खट्टर सरकार को घेर रहे है.

लेकिन सबसे दिलचस्प ये है कि पार्टी किसी को भी सीएम फेस घोषित करने से बच रही है. वैसे तो नवीन जयहिन्द हरियाणा आम आदमी पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरे बने हुए है लेकिन तब भी केजरीवाल ही हर सभा-बैठकों में सेंट्रल फिगर बने रहते है.

अब ऐसी स्थिति में अगर आम आदमी पार्टी हरियाणा में बेहतर स्थिति में आती है और फिर अरविन्द केजरीवाल की सभाओं में ‘हरियाणा का लाल….केजरीवाल!’ जैसा नारा लगने लगे तो बहुत आश्चर्य करने की जरूरत नहीं है. अगर ऐसा हुआ तो फिर दिल्ली का सीएम कौन…? इस पर भी कयास लगाना कम दिलचस्प नहीं है…

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