अब व्‍यापार युद्ध छेड़ रहा है अमेरिका

नई दिल्‍ली।

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे कई देश उनसे नाराज हैं। अमेरिका के इस व्‍यापार युद्ध का भारत पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, लेकिन दूसरे देशों के मुकाबले कम। फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने तो ट्रंप को फ़ोन कर कहा कि उनका ये क़दम ‘अवैध’ है।

दरअसल, अमेरिका ने यूरोपियन यूनियन (ईयू), कनाडा और मेक्सिको से आयातित स्टील और अल्युमीनियम को शुल्क से मिली छूट खत्म कर दी है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस की घोषणा के अनुसार यह रियायत एक जून से समाप्त हो जाएगी।

ट्रंप ने स्टील और एल्युमिनियम पर इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। मतलब अमेरिकी कंपनियां अब विदेशों के सस्ते स्टील का फ़ायदा नहीं उठा पाएंगी।

ट्रंप ने स्टील पर 25 प्रतिशत और एल्युमिनियम पर 10 प्रतिशत की इंपोर्ट ड्यूटी लगा दी है। ट्रंप के इस कदम की कई अमेरिकी रिपब्लिकन सांसदों समेत यूरोपियन यूनियन, कनाडा और मैक्सिको ने आलोचना की है।

ज़ाहिर है कि ट्रंप के इस क़दम से प्रभावित देश भी उन्हें ‘जैसे को तैसा’ सबक सिखाने की तैयारी में हैं और अमेरिका से आयात होने वाले स्लीपिंग बैग्स, बॉल प्वाइंट पेन तक पर ड्यूटी बढ़ाने की सोच रहे हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने ट्रंप को फ़ोन किया और कहा कि उनका ये क़दम ‘अवैध’ है। मैक्रों ने कहा कि यूरोपियन यूनियन बेहद मजबूती से इसका जवाब देगी।

ट्रंप ने भी अपने क़दम को सही ठहराने के लिए तर्क दिए हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी स्टील और एल्युमिनियम उत्पादक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम हैं और विदेश से मिलने वाली स्टील सप्लाई से अमेरिका  को ख़तरा है।

भारत पर असर

स्टील और एल्युमिनियम पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से भारतीय कंपनियों को भी घाटा तो होगा, लेकिन चीन और ब्राज़ील जैसे देशों के मुक़ाबले बहुत कम होगा। अमेरिका को एल्युमिनियम और स्टील के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी तकरीबन 3 फ़ीसदी है।

भारत का अमेरिका को स्टील निर्यात उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन एल्युमिनियम सेक्टर पर निश्चित तौर पर इसका असर पड़ेगा। पिछले कुछ सालों के दौरान अमेरिका को एल्युमिनियम का निर्यात लगातार बढ़ा है।

2013-14 में एल्युमिनियम का निर्यात 201 मिलियन डॉलर रहा, जो 2014-15 में बढ़ कर 306 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि 2015-16 में यह मामूली घट कर 296 मिलियन डॉलर रहा और 2016-17 में बढ़ कर 350 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। एल्युमिनियम पर अमरीका के 10 फीसदी आयात शुल्क के ऐलान से निर्यात में भी कमी आएगी।

कनाडा, ब्रिटेन भी विरोध में

ट्रंप के इस तर्क में कनाडा को कोई दम नहीं दिखता। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा, “कनाडा किसी भी तरह से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा होगा, ये बात कतई गले नहीं उतरती।”

कनाडा ने कहा है कि वह भी अमेरिका से आयात होने वाले करीब 1300 करोड़ डॉलर के उत्पादों पर एक जुलाई से 25 फ़ीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाएगा। इन उत्पादों में अमेरिकी स्टील के साथ व्हिस्की, कॉफ़ी और दूसरी उपभोक्ता वस्तुएं शामिल हैं।

 

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