क्या रंग लाएगी मोदी-नीतीश की जुगलबंदी

ओपिनियन पोस्ट
Thu, 05 Jan, 2017 18:17 PM IST
ओपिनियन पोस्ट ब्यूरो
सियासी अखाड़े में एक दूसरे के धुर विरोधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 350वें प्रकाश पर्व पर गुरुवार को एक दूसरे की तारीफ में कसीदे पढ़ते नजर आए तो अटकलों का बाजार फिर से गर्म हो गया। नोटबंदी सहित मोदी सरकार के कई फैसलों का समर्थन कर चुके नीतीश के रुख को देखते हुए ही राजनीतिक गलियारे में पिछले कुछ समय से यह कयास लगाया जा रहा है कि नीतीश फिर से भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
हालांकि कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश का यह सियासी दांव है। इसके जरिये वे लालू यादव और उनकी पार्टी राजद पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्हें यह संदेश भी देना चाहते हैं कि उनके विकल्प खुले हुए हैं। पिछले कुछ समय से राजद के कई नेता नीतीश पर हमलावर हैं। गाहे बगाहे वे महागठबंधन सरकार के फैसलों पर भी सवाल उठाते रहे हैं। माना जा रहा है कि ये नेता राजद मुखिया लालू यादव की शह पर ही ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। जदयू की अपील पर लालू ने ऐसे नेताओं को ताकीद भी की मगर बयानबाजी थमी नहीं। इससे नीतीश परेशान हैं। ऐसे में नीतीश ने महागठबंधन की लाईन से हटकर मोदी का समर्थन किया और लालू को नियंत्रित रखने का सियासी पैंतरा चला है। भाजपा भी उन्हें फिर से करीब लाने के दांव आजमा रही है।
कई अन्य राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि ऐसा करने से नीतीश कुमार के मोदी विरोधी छवि को नुकसान हुआ है और मोदी विरोध के कारण उनके बढ़ते ग्राफ को धक्का लगा है। पर कई विश्लेषक यह मानते हैं कि नीतीश कुमार ने ऐसा करके अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने सरकार चलाने में कांग्रेस-राजद के बढ़ते दबाव को काफी हद तक कम कर लिया। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को भी उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से संदेश दे दिया। नीतीश ने अपने ऊपर दबाव बनाने वाले सहयोगियों को विकल्प दिखा दिया तो भाजपा को भी उसकी सीमा दिखायी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा के साथ गठबंधन कभी संभव नहीं। उनके अनुसार बिहार में महागठबंधन काफी मजबूत है और उसे किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
मोदी-नीतीश ने की एक दूसरे की तारीफ
सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती पर पटना में आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके शानदार आयोजन के लिए तो नीतीश कुमार की पीठ थपथपायी ही शराबबंदी पर भी नीतीश की जमकर सराहना की। मोदी ने कहा, ‘समाज परिवर्तन का काम बहुत मुश्किल होता है। इसको हाथ लगाना भी मुश्किल होता है। इसके बावजूद भी नीतीश जी ने राज्य में जो नशामुक्ति का बीड़ा उठाया है, उसके लिए मैं बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि मैं पूरे बिहारवासियों, सभी दलों और सामाजिक कार्यों में लगे लोगों से गुजारिश करूंगा कि यह सिर्फ सरकार या नीतीश कुमार का काम नहीं है। यह काम जन-जन का काम है। सभी को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। सभी लोगों को सरकार का साथ देना चाहिए। यह एक मिसाल बन जाएगा। ऐसा कदम उठाकर नीतीश कुमार ने आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचा लिया।’
उन्होंने यहां तक कह दिया कि उनके इस अभियान को गुरु साहिब का भी आशीर्वाद मिलेगा और यह अभियान अवश्य सफल होगा। इससे पहले नीतीश ने गुजरात में शराबबंदी को लेकर पीएम मोदी की तारीफ की और कहा कि 12 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने गुजरात में शराब को बैन किया। नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की नजदीकी पहली बार नहीं दिखी है। कई अवसरों पर नीतीश तो कई अवसरों पर पीएम नीतीश की प्रशंसा कर चुके हैं।
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