भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों से बौखलाया पाक, अमेरिका को बताया दलबदलू

ओपिनियन पोस्ट
Thu, 01 Sep, 2016 16:44 PM IST

भारत-अमेरिका के मजबूत होते संबंधों से पाकिस्तान बौखला गया है। यही वजह है कि वह अब अमेरिका पर पाला बदलने का आरोप लगा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी के भारत में आतंकवाद को लेकर दिए बयान पर टिप्पणी करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि आतंकवाद के मामले पर अमेरिका समय देखकर अपना पाला बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि जब वे वहां होंगे तो कुछ और बयान देंगे और जब यहां होंगे तो कुछ और बयान देंगे।

वैसे यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई अमेरिकी मंत्री ऐसा करते रहे हैं। मगर तब भारत या पाकिस्तान की ओर से यह मसला नहीं उठाया गया। अब पाकिस्तान इस तरह के आरोप लगा रहा है तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यही है कि अमेरिका पाकिस्तान पर आतंकवाद से निपटने के लिए सख्ती बढ़ा रहा है। इससे न सिर्फ दुनिया में उसकी साख घट रही है बल्कि उस पर इस बात का खतरा भी मंडरा रहा है कि कहीं अमेरिका उसे आतंकवाद को पनाह देने वाला देश न घोषित कर दे। हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण सैनिक समझौता भी हुआ है जिसके तहत दोनों देश एक दूसरे के सैन्य साजो सामान साझा कर सकेंगे। इससे भी उसकी बौखलाहट बढ़ गई है।

सरताज अजीज ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि केरी के बयानों से पाकिस्तान की कोई बदनामी नहीं हुई है क्योंकि अमेरिका सहित पूरा विश्व इस बात को जानता है कि पिछले तीन वर्षों में पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ सारी लड़ाइयां लड़ी है। सरताज ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत कभी नहीं चाहता है कि पाकिस्तान को आतंकवाद खत्म करने का श्रेय मिले। उन्होंने कहा कि शांति सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान जमात-उद-दावा जैसे संगठनों के खिलाफ धीरे-धीरे कार्रवाई कर रहा है। जमात-उद-दावा के बारे में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू किया जा रहा है। इसके अलावा मुंबई हमलों के मास्टरमांइड हाफिज़ सईद, जकीउर रहमान लखवी और उनके खातों पर भी प्रतिबंध लगाया है।

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भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में पूछे जाने पर सरताज ने कहा कि अमेरिकी नीति का उद्देश्य चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना है और भारत इसमें अधिक फिट होता है। भारत और अमेरिका में सहयोग बढ़ रहा है, रक्षा समझौते हुए हैं बल्कि एक तरह का रणनीतिक गठबंधन बन रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर चीन, रूस और अन्य क्षेत्रीय देशों ने शंघाई गठबंधन बनाया है और पाकिस्तान भी क्षेत्रीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए इन देशों से संबंध सुधार की नीति के साथ साथ अमेरिका से भी अपने रिश्ते को बनाए रखना चाहता है क्योंकि पाकिस्तान 40 वर्षों से अमेरिका का सहयोगी रहा है। उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि पाकिस्तान विश्व में अलग-थलग पड़ रहा है।

मालूम हो कि जॉन केरी ने बुधवार को नई दिल्ली में कहा था कि पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों को रोकना चाहिए। इस्लामाबाद को पाकिस्तान में आतंकवाद के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। सरताज अजीज ने जॉन केरी पर क्षेत्र की स्थिति के बारे में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान भारतीय अधिकारियों की खुशी का कारण बना है। उन्होंने जम्मू कश्मीर की जनता पर भारतीय सुरक्षा बलों के हमले और इस क्षेत्र की जनता पर अत्याचार और उनके नरसंहार पर कुछ नहीं कहा।

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