मोदी सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) को भी या तो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय या जामिया मिल्लिया इस्लामिया में विलय करना चाहती है। साथ ही फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी और सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRTII) का मोदी सरकार ने कार्पोरेटाइजेशन करने की फैसला किया है। केंद्र सरकार ने देश के 679 ऑटोनोमस इंस्टिट्यूट पर एक रिव्यू मीटिंग के पहले फेज में यह फैसला किया।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी में सोसाइटीज ऑफ रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत बनाए गए ऑटोनोमस बॉडीज की समीक्षा शुरू की थी। इस समीक्षा के पहले फेज में सात मंत्रालयों/विभागों के तहत आने वाले 114 इंस्टिट्यूट की समीक्षा की गई।

समीक्षा के आखिरी में फैसला लिया गया कि इनमें से 42 संस्थानों को या तो पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा या किसी दूसरे संस्थानों में विलय करा दिया जाएगा या फिर उन संस्थानों को कार्पोरेटाइजेशन करके उनकी ऑटोनोमस वैल्यू खत्म की जाएगी।

यह रिव्यू मीटिंग पीएमओ ऑफिस और नीति आयोग के नेतृत्व में हुई थी। पीएमओ के अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जिन तीन संस्थानों का कॉर्पोरेटाइजेशन किया जाएगा वो अधिग्रहण के बाद इंडिपेंडेंट कंपनी या स्पेशल पर्पज व्हिकल (एसपीवी) के रूप में काम करेंगे।

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