लखनऊ। कयासों पर विराम लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने अमर सिंह को राज्यसभा में भेजना तय कर लिया है। इसके साथ ही सपा में उनकी वापसी हो गई है। वहीं हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आए बेनी प्रसाद वर्मा की उम्मीदवारी का भी ऐलान किया गया। मंगलवार को पार्टी ने राज्यसभा के लिए सात उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। इस सूची में इन दोनों नेताओं के अलावा संजय सेठ, सुखराम सिंह यादव, रेवती रमन सिंह, विश्‍वंभर प्रसाद निषाद और अरविंद सिंह भी शामिल हैं। सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने इन नामों की घोषणा की।

बेनी प्रसाद 13 मई को ही समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। वे मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री थे। यूपी विधानसभा चुनाव के पहले उन्हें सपा में शामिल कर मुलायम सिंह यादव ने कुर्मी वोटों पर सेंध लगाने की कोशिश की है। बेनी वर्मा मुलायम सिंह के पूर्व सहयोगी थे लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर चले गए थे। 

वहीं अमर सिंह को सपा ने 2010 में छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने 2011 में राष्ट्रीय लोक मंच नाम से पार्टी बनाई। उनकी पार्टी ने 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। लोकसभा चुनाव 2014 में अमर सिंह राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गए और फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़े। इस चुनाव में वह हार गए। बीते दिनों अमर सिंह कई बार मुलायम सिंह यादव से मिल चुके हैं। उन्हें सपा के कार्यक्रमों में अकसर देखा जाता रहा है। सपा प्रमुख से मुलाकात के बाद से ही सपा में सिंह की वापसी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। मुलायम के अमर सिंह की जगह दिल में है के बयान के बाद उनका नाम राज्यसभा के लिए तय माना जा रहा था।

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विधान परिषद के उम्मीदवारों का भी ऐलान
शिवपाल सिंह यादव ने यूपी विधान परिषद के लिए भी 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। विधान परिषद के लिए बलराम यादव, शतरुद्र यादव, जसवंत सिंह, बुक्कल नवाब, रामसुंदर दास निषाद, जगजीवन प्रसाद, कमलेश पाठक और रणविजय सिंह गोंडा को उम्मीदवार बनाया गया है। इससे पहले सपा सुप्रीमो मुलायम ‌सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई पार्टी की संसदीय समिति की बैठक में इसका फैसला किया गया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान भी थे लेकिन जैसे ही अमर सिंह के नाम पर चर्चा हुई आजम बैठक छोड़कर चले गए। आजम खान और अमर सिंह की खटास पुरानी है। अमर सिंह का पार्टी से निलंबन आजम की वजह से ही हुआ था।

जून में होगा चुनाव
यूपी में 11 राज्यसभा और 13 विधान परिषद सीटों के लिए होने वाला चुनाव जून में होगा। राज्यसभा के लिए किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को 37 विधायकों का समर्थन चाहिए होगा। राज्यसभा की सीटें चार जुलाई को खाली होंगी।विधान परिषद की 13 सीटें छह जुलाई को खाली हो जाएगी। इसकी हर सीटों के लिए 32 विधायकों का समर्थन चाहिए।