रंग-ए-लफ्फाजी

महेंद्र अवधेश
Sat, 16 Mar, 2019 15:16 PM IST

आपका भी कोई विरोधी हो सकता है भाई? आप तो लोकप्रिय, जनप्रिय एवं सर्वप्रिय चिंतक हैं देश के, मैंने बटरिंग की और नतीजा पॉजिटिव आया. भइया लाल फूलकर कुप्पा हो गए.

भइया लाल पूरे होलियाना मूड में थे. पार्क में टहलते हुए रह-रहकर अंगड़ाई लेते और फिर मुस्कुरा उठते. लोगों की नजरें उन पर टिकी हुई थीं, लेकिन भइया लाल पर कोई फर्क पड़ता नहीं दीख रहा था. मैंने भी उनके मूड और मुस्कराहट का भेद टटोलने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा. फिर सोचा कि क्यों न उनसे ही उनकी इस अंगड़ाई मिश्रित खुशी का रहस्य जाना जाए.

मैंने कहा, कैसे हो बड़े भाई?

ठीक हूं, खुश हूं और मस्त हूं, कहते-कहते चहक उठे भइया लाल.

बहुत खूब, क्या अंदाज है!

काकटेल का जमाना है और अपना स्टाइल भी.

अच्छा, स्टाइल कब और क्यों बदल लिया?

होली आ रही है इसलिए, यह उनका टके-सा जवाब था.

होली तो हर साल आती है…

इस बार झूमकर आ रही है, उन्होंने आंखें नचाईं.

वह कैसे?

अजब अहमक हो यार, पीओके में देखो, समय से पहले आ गई होली. मोटा भाई की पिचकारी ने कबाड़ा करके रख दिया.

तो आप इसलिए बौरा रहे हैं? राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ नहीं देखा क्या?

राजस्थान, एमपी-छत्तीसगढ़ की धौंस मत दो स्वीट हॉर्ट, बॉर्डर की बात करो, जहां बारूदी रंग झूमकर उड़ा. सारे के सारे अरमान धुल गए.

किसके?

विरोधियों के.

आपका भी कोई विरोधी हो सकता है भाई? आप तो लोकप्रिय, जनप्रिय एवं सर्वप्रिय चिंतक हैं देश के, मैंने बटरिंग की और नतीजा पॉजिटिव आया. भइया लाल फूलकर कुप्पा हो गए.

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मेरा आशय मोदी और भगवा विरोधियों से है.

भगवा विरोधी तो दो हैं इस देश में, पहले तो वामपंथी और दूसरी कांग्रेस. लेकिन, मोदी का विरोधी कौन है? मैंने पूछा.

अमां वही विरोधी तो खास हैं. ऐसा रंग चलाया मोदी ने कि सबके चेहरे का रंग फीका नहीं, बल्कि पीला पड़ गया, बहुत कलाबाजी खा रहे थे.

खैर हटाइए, जरा यूपी के हाल सुनाइए, वहां क्या चल रहा है आजकल?

हर तरफ योगी का जोगिया रंग कहर ढा रहा है. बाकी कुलाटियां खा रहे हैं, चाचा फाग गा रहे हैं, बुआ-बबुआ ढोल बजा रहे हैं और कांग्रेसी प्रियंका के आने से गलगलायमान हैं.

दिल्ली वाले सर जी कैसे होली खेलेंगे? मैंने चुटकी ली.

आंटी ने उनकी पिचकारी में अपना रंग भरने से इंकार कर दिया है, भइया लाल ने पूरा जोर लगाकर कहा.

अच्छा, दस जनपथ में कौन सा रंग चल रहा है?

वहां तो हमेशा से फिक्स था रंग सोनिया, लेकिन राजस्थान, एमपी-छतीसगढ़ जीतने के बाद गुलाबी हुए राहुल की जय-जयकार हो रही है और एक नया रंग प्रोजेक्ट हुआ है प्रियंका.

और भाजपा में?

भगवा खेमे में कई रंग एक साथ चल रहे हैं और आपस में मिक्स होकर रंग 2019 हो रहे हैं.

आप पर कौन सा रंग जादू कर गया है?

अपुन पर तो रंग लफ्फाजी सवार है मेरे पुत्तर!

होली पर पब्लिक के लिए आपका खास संदेश?

भइया लाल ने झूमकर गाया:-

भाईचारा धर्म हमारा, इसको मत बिसराओ.

होली में दुश्मन भी भाई, झटपट गले लगाओ.

त्यागो ईष्र्या-कपट-द्वेष, गीत मिलन के गाओ.

सबसे शाश्वत रंग मोहब्बत, उसको तुम अपनाओ.

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