नई दिल्ली। रियो ओलंपिक में पदक जीतने से चूक गए पहलवान योगेश्वर दत्त के लिए अच्छी खबर है। चार साल पहले लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर के पदक को रजत पदक में तब्दील कर दिया गया है। ऐसा रजत पदक जीतने वाले रूसी पहलवान बेसिक कुदुखोव के डोपिंग का दोषी पाए जाने पर हुआ है। उनसे उनका रजत पदक छिन गया है। इसके साथ ही योगेश्वर कुश्ती में अोलंपिक रजत पदक जीतने वाले सुशील कुमार के बाद दूसरे पहलवान बन गए हैं।

इस बात की पुष्टि खुद योगेश्वर दत्त ने ट्वीट कर दी। उन्होंने लिखा है, ‘लंदन ओलंपिक में 60 किलो भारवर्ग में जीता गया कांस्य पदक अब रजत पदक के रूप में अपग्रेड हो गया है। यह पदक भी देशवासियों को समर्पित करता हूं।’ योगेश्वर लंदन ओलंपिक में 60 किग्रा भार वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में कुदुखोव से हार गए थे, लेकिन उनके फाइनल में पहुंचने के कारण भारतीय पहलवान को रेपचेज के जरिए एक और मौका मिला। फिर योगेश्वर ने रेपचेज के पहले राउंड में प्यूर्टो रिको के फ्रेंकलिन गोमेज, दूसरे राउंड में मसूद इसमाइपॉर को और कांस्य पदक मुकाबले में उत्तर कोरिया के री जोंग मयूंग को हराया।

इसके बाद चार बार के विश्व चैंपियन और 2008 ओलंपिक के कांस्य विजेता कुदुखोव डोप टेस्ट में फंस गए थे। मामला खेल पंचाट तक पहुंचा, लेकिन इस बीच 27 वर्षीय कुदुखोव की कार दुर्घटना में मौत हो गई। खेल पंचाट की सुनवाई में कुदुखोव के वकील ने कहा था कि अब पहलवान की मौत हो गई है इसलिए इस सुनवाई को बंद कर देना चाहिए। लेकिन ढाई महीने पहले ही खेल पंचाट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। रियो ओलिंपिक के कारण उस समय फैसला नहीं सुनाया गया। अब योगेश्वर का कांस्य चौथे नंबर पर रहे खिलाड़ी को दिया जाएगा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति खिलाड़ियों के सैंपल को दस साल के लिए सुरक्षित रखता है ताकि जरूरत पड़ने पर एडवांस टेस्टिंग की जा सके।

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