ओसान एयरबेस (दक्षिण कोरिया)। उत्‍तरी कोरिया की बढ़ती सामरिक ताकत से चिंतित अमेरिका के परमाणु बमवर्षक विमानों ने दक्षिण कोरिया के आकाश में उड़ान भरी है। माना जा रहा है कि यह कदम उत्‍तरी कोरिया को डराने के लिए उठाया गया है। लेकिन सवाल यह है कि अमेरिका के इस कदम से क्‍या उत्‍तर कोरिया डर जाएगा। दरअसल जब हालात कहीं अधिक कटु हो जाते हैं तब कोरियाई प्रायद्वीप में इस तरह की उड़ानें आम बात हैं।

हाल ही में परमाणु परीक्षण करने वाले उत्तरी कोरिया को ‘डराने’ तथा दक्षिण कोरिया को तसल्ली देने के लिए एक खास शक्ति-प्रदर्शन के तहत अमेरिका ने मंगलवार को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम सुपरसॉनिक बमवर्षक विमान सहयोगी दक्षिण कोरिया के आकाश में उड़ाए। अमेरिका का यह कदम उत्तर कोरिया के हालिया परमाणु परीक्षण के बाद उसे भयभीत करने और दक्षिण कोरिया को आश्वास्त करने के लिए किए जा रहे शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा है।

एक समाचार एजेंसी के फोटोग्राफर ने बी-1बी बमवषर्क विमानों को ओसान एयरबेस के उपर से जाते हुए देखा। इनके साथ अमेरिकी एवं दक्षिण कोरियाई लड़ाकू विमान भी थे। यह एयरबेस उत्तर कोरिया की सीमा से 120 किलोमीटर दूर दक्षिण कोरिया में है। यह सीमा दुनिया में सबसे ज्यादा हथियारों की तैनाती वाली सीमा है। बमवर्षकों के दक्षिण कोरिया में उतरने की बजाय गुआम स्थित एंडेरसन एयरफोर्स बेस पर लौटने की संभावना है। जब हालात कहीं अधिक कटु हो जाते हैं तब कोरियाई प्रायद्वीप में इस तरह की उड़ानें आम बात हैं। तकनीकी तौर पर यह प्रायद्वीप युद्धरत है क्योंकि 1950-53 के कोरियाई युद्ध को खत्म करने के लिए कभी भी शांति संधि नहीं हुई है।

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