बंगलुरू में कांग्रेस के संकटमोचक मंत्री व सांसद के यहां आयकर छापे में पांच कराेड बरामद,ससंद में हंगामा

ओपिनियन पोस्ट
Wed, 02 Aug, 2017 10:00 AM IST

अायकर विभााग ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार के एक मंत्री, एक कांग्रेसी सांसद और एक रिजॉर्ट पर छापा मारा। जिस ईगलटन रिजॉर्ट पर छापा मारा गया है, वहां गुजरात कांग्रेस के 40 से ज्यादा विधायक ठहरे हुए हैं। राज्यसभा चुनाव में किसी तरह की फूट से डरकर कांग्रेस ने अपने विधायकों को इस रिजॉर्ट पर रखा है। कांग्रेस ने इस ऐक्शन को बदले की कार्रवाई कहा है। हालांकि, बीजेपी ने कहा है कि अगर ईगलटन रिजॉर्ट प्रबंधन ने कुछ गलत किया है तो कार्रवाई में कुछ भी गलत नहीं है। दूसरी अाेर अायकर विभाग  ने कहा कि 8 अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनावों में धन बल के कथित इस्तेमाल और बड़े पैमाने पर अवैध धन की लेनदेन के आरोपों की संभावना के तहत ये जांच हाे रही । आयकर विभाग के मुताबिक मंत्री के दिल्ली वाले घर से 5 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए हैं। उनके ड्राइवर तथा नाैकर काे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, टैक्स अधिकारियों ने उर्जामंत्री मंत्री डीके शिवकुमार, सांसद डीके सुरेश और कांग्रेस एमएलसी एस रवि के यहां छापा मारा है। कांग्रेस आलाकमान के बेहद खास माने जाने वाले डीके शिवकुमार और डीके सुरेश क्षेत्र में डीके ब्रदर्स के नाम से मशहूर हैं। इनकी सत्ता में खास रसूख है और पार्टी के ‘संकटमोचक’ भी माने जाते हैं। टैक्स अधिकारी जांच के लिए ईगलटन रिजॉर्ट भी पहुंचे। यह रिजॉर्ट शहर से 60 किलोमीटर दूर बिदादी इंडस्ट्रियल इलाके में है। इस रिजॉर्ट में कमरे का एक दिन का किराया दस हजार रुपये से शुरू होता है। इस इलाके में कई मल्टीनैशनल कंपनियों के दफ्तर भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, डीके सुरेश ने रिजॉर्ट में विधायकों के लिए हर तरह की सुविधाएं और अन्य जरूरतों के लिए अपने कजन और पार्टी एमएलसी एस रवि की मदद ली थी।

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छापाें संसद में कांग्रेस का हंगामा
डीके शिवकुमार पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के छापों की गूंज बुधवार को संसद में सुनाई दी। कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये छापे राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए मारे गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों को डराने-धमकाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। खड़गे के मुताबिक, सिर्फ एक राज्यसभा कैंडिडेट को हराने के लिए यह सब किया जा रहा है, लेकिन बीजेपी सफल नहीं होगी। बता दें कि शिवकुमार वही शख्स हैं, जो बेंगलुरु के इगलटन होटल में ठहरे 40 से ज्यादा कांग्रेसी विधायकों के मेजबान हैं।
सरकार की तरफ से लोकसभा और राज्यसभा में इस पर मोर्चा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संभाला। कांग्रेस के हमले पर वित्त मंत्री जेटली ने दोनों सदनों में सरकार का बचाव किया। लोकसभा में उन्होंने कहा कि छापे शुरू होने के बाद आरोपी मंत्री रिजॉर्ट में जाकर ‘छिप’ गए थे। अधिकारी उनके बयान लेने के लिए रिजॉर्ट गए थे। रिजॉर्ट पर न ही कोई छापा पड़ा और न ही किसी कांग्रेसी विधायक की वहां तलाशी ली गई। जेटली के मुताबिक, जब अधिकारी रिजॉर्ट पहुंचे तो कई दस्तावेज फाड़े जा रहे थे। इन्हें अफसरों ने कब्जे में ले लिया है। वित्त मंत्री ने आखिर में कहा कि इस कार्रवाई को गुजरात के किसी चुनाव या राजनीति से जोड़कर नहीं बल्कि आर्थिक अपराध के खिलाफ हुई कार्रवाई के तौर पर देखा जाना चाहिए।

छापाें मे क्या मिला

कौन हैं डीके ब्रदर्स 

डीके शिवकुमार कर्नाटक सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं, वहीं डीके सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद हैं। जिस इलाके में विधायकों को ठहराया गया है, वह डीके सुरेश के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है और कनकपुरा (शिवकुमार का विधानसभा क्षेत्र) से भी महज एक घंटे की दूरी पर स्थित है। काफी ताकतवर नेता माने जाने वाले शिवकुमार को कई राजनीतिक जानकार मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी मानते हैं। पिछले चुनाव में जब कांग्रेस को प्रदेश में स्पष्ट बहुमत मिला था, उस वक्त शिवकुमार कनकपुरा सीट से एक लाख से ज्यादा वोटों से जीते थे। उन्होंने अपने हलफनामे में 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी। हाल के दिनों में पार्टी के लिए फंड जुटाने के काम में उनकी भूमिका अहम रही है।

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क्यों मारा छापा?
डीके शिवकुमार, डीके सुरेश और रवि ,वे तीन लोग हैं जो गुजरात से आए कांग्रेसी विधायकों की देखरेख में लगे हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, आईटी अफसरों को शक है कि इन विधायकों के रखरखाव से लेकर सिक्यॉरिटी तक में बड़े पैमाने पर कैश का फ्लो शामिल है। आईटी अफसर इस बात की जांच कर रहे हैं कि इन नेताओं ने किसी बड़ी रकम का लेनदेन किया कि नहीं? सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को यह भी आशंका है कि रिजॉर्ट पर भी काफी पैसा रखा हुआ है। इन्हीं शक के चलते आईटी ने विभिन्न लोकेशंस पर छापा मारा है।

कांग्रेस का बीजेपी पर हमला
कांग्रेस ने इस ऐक्शन को बदले की कार्रवाई कहा है। पार्टी के मुताबिक, बीजेपी अपने राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेसी नेता दबे जुबान में यह भी आरोप लगा रहे हैं कि रिजॉर्ट पर यह छापा विधायकों को वहां से बाहर निकालने के लिए मारा गया है ताकि राज्यसभा चुनाव में जोड़तोड़ के लिए बंद हो चुकी बातचीत एक बार फिर शुरू की जा सके। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि बीजेपी महज एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए इतनी मशक्कत कर रही है। हालांकि, बीजेपी ने कहा है कि अगर ईगलटन रिजॉर्ट प्रबंधन ने वित्तीय तौर पर कुछ गलत किया है तो कार्रवाई में कुछ भी गलत नहीं है।

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