‘टॉक टू एके’ का सच

नई दिल्ली। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को ‘टॉक टू एके’ में अपनी सरकार की सफलताएं निगाईं। इस कार्यक्रम के लिए जारी फोन नंबर पर काल 11 बजे से ही नहीं लग रही थी, लेकिन 15 हजार से अधिक सवाल सीएम के लिए पहुंच गए। हो सकता है कि सवाल दूसरे माध्‍यम से पहुंचे हों क्‍योंकि खास तौर पर www.taltoak.com वेबसाइट तैयार की गई है। इसके जरिये लोग अपने सवाल सीएम तक पहुंचा सकते हैं और उनसे सवाल कर सकते हैं। हमारे नेता जनता से सीधे संवाद के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर लोगों से मन की बात की तो दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘टॉक टू एके’ कार्यक्रम तैयार कराया है। दोनों तरीकों में एक बुनियादी अंतर यह है कि नरेंद्र मोदी लोगों से सुझाव लेकर उसे मन की बात में शामिल करते हैं तो केजरीवाल ने फोन और इंटरनेट के जरिये पूछे गए लोगों के प्रश्‍नों के उत्‍तर लाइव वीडियो के जरिये दिए। उनके साथ मनीष सिसोदिया और विशाल ददलानी भी मौजूद रहे। केजरीवाल ने इस दौरान भी मोदी सरकार पर हमले बोले। अपने 21 विधायकों को पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी बनाने के बारे में कहा कि हमने देश के बड़े-बड़े लॉयर्स से कंसल्ट कर लिया है। हमारे विधायकों को कोई पैसा नहीं दिया जाता। इसलिए ये मामला ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का नहीं है। दिल्ली सरकार के इस प्रोग्राम में सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर विशाल ददलानी ने लोगों के सवाल लिए। इस दौरान आने वाले फोन कॉल भी विशाल ने लिए।

‘टॉक टू एके’ पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। इस प्रोग्राम को नरेंद्र मोदी के मन की बात प्रोग्राम की कॉपी कहा जा रहा है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल का प्रोग्राम नई बोतल में पुरानी शराब है। वहीं आप नेताओं का कहना है कि यह प्रोग्राम मोदी के प्रोग्राम की कॉपी नहीं है, बल्कि उससे काफी बेहतरीन है। यह पीएम के प्रोग्राम की तरह एकतरफा नहीं है। इसमें सिर्फ भाषण नहीं होगा, बल्कि इसमें जनता सीएम से सीधे सवाल कर सकेगी। सवाल यह है कि हमारे नेता जनता से मुखातिब होने के लिए जो तरीके ईजाद कर रहे हैं, जनता पर उसका कोई प्रभाव पड़ रहा है या नहीं। वरिष्‍ठ पत्रकार मुकेश पंडित का कहना है, ‘टॉक टू एके’ और मन की बात जैसे कार्यक्रमों के माध्‍यम से देश के नेता लोकतंत्र में जनता से जुड़ाव का एक नया अभिमंत्र विकसित कर रहे हैं, लेकिन उनका यह प्रयास अभी लोग आत्‍मसात नहीं कर पा रहे हैं।

लोगों के सवाल भी राजनीतिक आरोपों-प्रत्‍यारोपों से ही निकल कर आ रहे हैं। बुनियादी सवाल या तो पूछे नहीं जा रहे हैं या राजनीतिक सवाल लोगों के मन पर कहीं अधिक हावी हैं। बिंदर ने पूछा है कि आप ऐड पर इतना पैसा क्यों खर्च कर रहे हैं। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा, ”दिल्ली सरकार जो कुछ भी काम कर रही है वह अपने दम पर कर रही है। हमने जो काम किए हैं लोग उन्हें जाकर देख सकते हैं। दूसरे राज्यों में छपने वाले दिल्ली के विज्ञापनों पर केजरीवाल ने कहा, ”पूरा देश जानना चाहता है कि दिल्ली में क्या हो रहा है। दिल्ली में अच्छा काम चल रहा है, यह सबको बताना जरूरी है, जिससे हर जगह बदलाव आए।” लोगों ने कई अजीब सवाल पूछ लिए। मसलन, मनराज नाम के शख्स ने पूछा है कि आप लोगों को बेवकूफ बनाना कब बंद करेंगे। विकास चंद्रा ने एक फोटो शेयर करके पूछा है कि आपकी टोपी हर जगह क्यों बदल जाती है। कई लोगों ने नई फिल्मों के रिव्यू भी उनसे मांगे हैं। तो कुछ ने कैंसर के इलाज के लिए उनसे जवाब मांगा है। दिल्ली के संदीप सहगल ने पूछा है कि दिल्ली के सरिता विहार में दिल्ली जल बोर्ड का लीकेज कब बंद होगा तो रुपेश नामदेव ने पूछा है कि कट्प्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?

 

 

 

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