पटना। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ अभद्र बयान से विवादों में आए उत्तर प्रदेश भाजपा के नेता दयाशंकर सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को बक्सर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें यूपी ले गई। बक्सर के एसपी उपेंद्र शर्मा के अनुसार दयाशंकर सिंह को यूपी और बिहार पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में बक्सर की चीनी मिल कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। लखनऊ की सीजेएम कार्ट ने दयाशंकर के खिलाफ बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्‍पणी के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट के खिलाफ दयाशंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी पर हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था। इसी के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह समर्पण कर सकते हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी से तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। इसी सिलसिले में भाजपा ने उन्‍हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

दयाशंकर के बारे में सूचना थी कि वह चार दिन पहले बक्सर आए थे। उनकी तलाश में यूपी पुलिस तीन-चार दिनों से बक्सर में ही कैंप कर रही थी। अचानक दयाशंकर के देवघर जाने की सूचना मिली। उसके बाद से पुलिस लगातार उनको ट्रैक कर रही थी। गुरुवार की शाम को दयाशंकर देवघर से बक्सर लौटे थे। मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस को बक्सर में दयाशंकर के चार लोकेशन का पता चला था। शुक्रवार को पुलिस को यह पुख्ता प्रमाण मिल गया कि दयाशंकर चीनी मिल कॉलोनी में ही हैं। यूपी और बक्सर पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया और दयाशंकर गिरफ्तार कर लिए गए।

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बता दें कि दयाशंकर सिंह बक्‍सर के सिमरी प्रखंड स्थित छोटका राजपुर गांव के रहने वाले हैं। वह विंध्‍याचल सिंह के पांच पुत्रों में तीसरे नंबर पर हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा छोटका राजपुर गांव के विद्यालय में हुई थी। उसके बाद वह उत्‍तर प्रदेश के बलिया जिला स्थित करमानपुर गांव अपने मामा के घर चले आए। यहीं उनकी स्‍कूली शिक्षा पूरी हुई। दयाशंकर के मामा मैनेजर सिंह यूपी की राजनीति में सक्रिय थे, जिसका असर भांजे के जीवन पर भी पड़ा। लखनऊ विश्‍वविद्यालय में दाखिले के बाद दयाशंकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और परिषद के अध्‍यक्ष बने। यहीं से राजनीति में उनकी सक्रियता बढ़ी।

गिरफ्तारी के बाद उनके राजपुर गांव स्थित घर में सन्‍नाटा पसर गया। घर की देखभाल करने वाले मुन्‍ना मंडल ने बताया कि उनके माता-पिता डेढ़ माह पहले लखनऊ चले गए। दयाशंकर की पत्‍नी, बेटी और मां को राजनीतिक विवाद में घसीटे जाने पर पूर्व मुख्यिा विंध्‍याचल सिंह कहते हैं, जब पार्टी ने दयाशंकर को सजा दे दी और कानून भी अपना काम कर रहा है तो पारिवारिक सदस्‍यों पर हमले नहीं किए जाने चाहिए। बेटी के सम्‍मान में गांव के लोग मैदान में उतरेंगे। जिस तरह पार्टी ने दयाशंकर को सजा दी है, उसी तरह बसपा को भी अपने गलतबयानी करने वाले नेताओं को सजा देनी चाहिए।