पानी-पानी चेन्नई, 270 मरे

 

राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना
राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिसंबर को रिकॉर्डतोड़ बारिश से बेहाल चेन्नई के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। साथ ही राहत बचाव एवं राहत कार्यों के लिए 1000 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया। यह राशि तमिलनाडु को पहले दिए गए 940 करोड़ रुपये से अलग है। इससे पहले राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।  चेन्नई और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से हुई बारिश ने सौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बारिश की वजह से अब तक 270 लोगों की मौत हो चुकी है और 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को बचाने और उन तक राहत पहुंचाने के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीम दिन-रात काम कर रही है। मौसम विज्ञानियों ने अगले कुछ दिन और भारी बारिश की आशंका जताई है। लबालब भरी झीलों और बांधों में दरारों के कारण लोगों को अपने इलाके छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। मुदिचुर, वरदराजपुरम, पश्चिमी तांब्रम, मणिवक्कम की झीलों के कारण इलाकों में बाढ़ आ गई है और जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को तमिलनाडु पहुंचे। चेन्नई हवाई अड्डा बंद होने के कारण उनका विमान राजाली नौसेना एयर स्टेशन पर उतरा। तमिलनाडु के लिए उड़ान भरने से पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘विनाशकारी बाढ़ के कारण पैदा हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए चेन्नई जा रहा हूं।’ केंद्र ने चेन्नई के हालात को ‘चिंताजनक’ बताया और संकट की इस घड़ी में सभी संभव सहायता का वादा किया है। मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से बातचीत कर उन्हें सभी संभव सहायता का वादा किया।

आखिर क्यों हुई भयावह स्थिति

चेन्नई की पानी से भरी सड़क पार करते लोग
चेन्नई की पानी से भरी सड़क पार करते लोग

चेन्नई की सड़कें, पुल, रेलवे ट्रैक, हवाई अड्डा सब बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। आखिर क्या वजहें हैं कि तीन दिन की भारी बारिश में ही यह भयावह स्थिति पैदा हो गई।

जल निकासी की समस्या

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की वर्ष 2011 की रिपोर्ट बताती है कि चेन्नई में 2847 किलोमीटर सड़कें हैं लेकिन पानी निकासी के लिए बनी नालियों की लंबाई सिर्फ 855 किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई भी बहुत अधिक नहीं है। ऐसे में लगातार बारिश से पानी निकलने की बजाय जमा होता गया और बाढ़ का रूप ले लिया।

अवैध निर्माण

चेन्नई में अवैध निर्माण भी जमकर हुआ है। 20 साल पहले जहां टैंक, झील, तालाब और नदियां थीं वहां अब मल्टीस्टोरी बिल्डिंग हैं। शहर में डेढ़ लाख से भी ज्यादा अवैध निर्माण हुए हैं। बीते दो दशकों में चेन्नई ने विकास की नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश की। इसके तहत जमीन का घेराव हुआ और नालियों-तालाबों का रास्ता रोका गया। विकास की इस दौड़ में 300 से अधिक जलाशय गायब हो गए। नतीजा यह हुआ कि लगातार बारिश से पानी को निकलने का सही रास्ता नहीं मिल पाया।

जलवायु परिवर्तन

जानकारों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक औसत तापमान में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही अल नीनो की वजह से भी मौसम का मिजाज बदला है। चेन्नई में जिस रफ्तार से बारिश हुई है उसे मौसम विज्ञानी असामान्य करार दे रहे हैं। यहां हुई भारी बारिश ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2015-16 में अल नीनो सबसे ताकतवर रहने वाला है। पेरिस में आयोजित जलवायु सम्मेलन में भी चेन्नई की बाढ़ का मसला छाया रहा।

बाढ़ ग्रस्त शहर में बचाव एवं राहत अभियान पूरे जोर शोर से जारी होने के बीच सेना, वायुसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। बचाव कार्य में हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी बारिश से चेन्नई के ज्यादातर इलाके जलमग्न हैं। कुछ इलाकों में लगभग दूसरी मंजिल तक पानी भरा हुआ है। चालीस वर्ष से अधिक समय में पहली बार ऐसा हुआ कि सैदापेट में नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए सड़क और मराईमलाई अडिगल पुल के ऊपर बहने लगा। इससे मुख्य मार्ग अन्ना सलाई (माउंट रोड) पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। चेन्नई में गुरुवार को बारिश रुकने के कारण लोगों को कुछ राहत मिली और बचाव अभियान में तेजी आई। लेकिन शहर के बाहरी हिस्से में स्थित चेम्बरामबक्कम झील से 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ जाने से कई नए इलाकों में पानी भर गया। अडयार नदी का जलस्तर 40 सालों में सबसे ज्यादा हो गया। पानी छोड़ने से एक बार फिर चेन्नई में संकट गहरा गया है।

मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन और इस शहर पर भारी पड़ने वाले हैं। चेन्नई में बारिश के यही हालात अगले तीन दिनों तक बने रहेंगे। जलभराव का स्थिति अभी भी जस की तस है। नेवी, सेना और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। एयरपोर्ट से लेकर रेवले स्टेशन तक सबकुछ ठप है। रनवे पर पानी भरने से चेन्नई एयरपोर्ट 6 दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। बेघर हो चुके लोगों को दूर-दराज के होटलों या रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है। वहीं गरीब और जरूरतमंदों को या तो रेलवे स्टेशनों पर असामाजिक तत्वों से जूझना पड़ रहा है या भीड़भाड़ वाले राहत शिविरों में जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उधर, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद में चेन्नई बारिश पर बयान दिया। राजनाथ ने बताया कि तमिलनाडु में अब तक 269 लोगों की मौत हुई है। बुधवार को भी इस मसले पर सदन में चर्चा हुई थी।

झीलें खतरे के निशान से ऊपर

चेन्नई के आसपास कुल 35 झीलों में पानी खतरे के निशान से ऊपर है। अब भी यहां कई कॉलोनियों में लोग फंसे हुए हैं। कई इलाकों में बिजली नहीं है। पीने के पानी की दिक्कत बरकरार है। दूध 100 रुपए लीटर बिक रहा है।

नेवी के एयरपोर्ट पर उतरेंगे पैसेंजर प्लेन

बारिश की वजह से चेन्नई का एयरपोर्ट रविवार दोपहर तक बंद रहेगा। अब नेवी के राजाली एयर स्टेशन को सिविल एयरपोर्ट के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। बुधवार रात यहां से एक टेस्ट फ्लाइट भी ऑपरेट की गई। अब यहीं पैसेंजर प्लेन उतरेंगे और उड़ान भरेंगे।

मदद को बढ़े हाथ

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु सरकार को हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया है। वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक महीने की सैलरी रिलीफ फंड में देने की घोषणा की है। रजनीकांत और कुछ दूसरे दक्षिण भारतीय फिल्मी कलाकारों ने भी डोनेशन की घोषणा की है।

 

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