अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) सुप्रीमो मौलाना बदरुद्दीन अजमल को इस बात का मलाल है कि भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने उनके साथ चुनावी गठजोड़ को जरूरी नहीं समझा। उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए जद (यू) और  राजद के साथ समझौता किया है। ओपनियन पोस्ट  की उनसे हुई बातचीत के अंश:

जद (यू) और राजद से गठजोड़ कर क्या भाजपा को सत्ता में आने से रोक पाएंगे?

हम चाहते थे कि बिहार की तर्ज पर असम में भी भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन बने। मगर कांग्रेस ने हमारी नहीं सुनी। ऐसे में हम तीनों को मिलकर ही गठबंधन बनाना पड़ा।

क्या चुनाव प्रचार के लिए नीतीश और लालू भी आएंगे?

हां, दोनों इस गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार करने असम आएंगे। हमें उम्मीद है कि उनका जादू यहां के मतदाताओं पर भी चलेगा।

कांग्रेस आरोप लगा रही है कि आपका भाजपा के साथ गुप्त समझौता है?

यह बेकार आरोप है। यह हमारे लिए असंभव है। यह कांग्रेस के कुप्रचार का हिस्सा है।

क्या उम्मीद है?

यदि कांग्रेस हमारे गठबंधन का हिस्सा होती तो गठबंधन की सरकार बनना निश्चित था। यदि भाजपा सत्ता में आ जाती है तो यह कांग्रेस की जिम्मेवारी होगी जिसने हमारी ईमानदार पहल को महत्व नहीं दिया।

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