भयमुक्त प्रदेश, उत्तर प्रदेश

ओपिनियन पोस्ट
Mon, 18 Feb, 2019 18:25 PM IST

up dial 100अपराध किसी भी राज्य के विकास में सबसे बड़ा बाधक होता है. इस रोड़े को हटाकर समाज को भयमुक्त करने और प्रदेश को विकास की पटरी पर सरपट दौड़ाने के लिए योगी आदित्य नाथ की सरकार ने अपराधियों पर नकेल कसने का काम किया है. महिलाओं के सम्मान की रक्षा और अपराधियों का खौफ कम करने के लिए पुलिस को पूरी छूट दी गई है. पिछली सरकार के दौरान बढ़ गए अपराध के ग्राफ को कम करने में पुलिस ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. सरकार के ऊपर लोगों के विश्वास का ही नतीजा है कि लोग अपनी शिकायतें लेकर थाने तक पहुंच रहे हैं और अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहे हैं. पिछली सरकारों के कार्यकाल में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने में पसीने छूट जाते थे, लेकिन अब लोगों का सरकार और पुलिस पर भरोसा बढ़ गया है. इसी के चलते मुकदमे दर्ज होने के आंकड़े भी बढ़ गए हैं.

योगी सरकार में अपराधों की संख्या में काफी कमी आई है. डकैती, लूट, हत्या  जैसी घटनाओं में भी कमी आई है. योगी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार देखने को मिला है. आंकड़े बताते हैं कि पुलिस और अपराधियों के बीच ३०२६ मुठभेड़ों में ७०४३ अपराधी गिरफ्तार एवं ६९ दुर्दान्त अपराधी मुठभेड़ में मारे गए. भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई और ६० करोड़ ४० लाख की अवैध संपत्ति जब्त की गई. ११९८१ अपराधियों ने स्वयं जमानत निरस्त करा कर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया. एसटीएफ ने ९ घोर अपराधियों को मुठभेड़ में मारा तथा १३९ अपराधियों को गिरफ्तार किया. ७५ एंटी पावर थेफ्ट पुलिस थानों की स्थापना की गई. पुलिस के शहीदों के आश्रितों को अनुग्रह राशि रुपये २० लाख से बढ़ाकर रुपये ४० लाख की गई. एसटीएफ ने ६.५ लाख लोगों से पौंजी स्कीम से ३७०० करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश किया. पुलिस की जन शिकायत ट्विटर सेवा में कुल ९४२३३५ ट्विट्स प्राप्त हुए हैं, जिसमें कार्यवाही करते हुए ३४८८ अभियोग पंजीकृत किए गए.

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विकल्प पोर्टल: महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन पहल की है. विकल्प पोर्टल के माध्यम से पीडि़त महिला स्वयं अथवा अपने किसी परिचित के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकती है. शिकायतकर्ता की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाती है, ताकि उसे कोई परेशानी न हो. शिकायत में भी महिला एवं आरोपी का नाम गोपनीय रखा जाता है. शिकायतकर्ता का नाम व मोबाइल नंबर इसलिए दर्ज किया जाता है, ताकि वे अपने मोबाइल पर पुलिस कार्रवाई की सूचना का एसएमएस प्राप्त कर सकें. साथ ही वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं अथवा नहीं, उसकी जानकारी भी दे सकें. शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने पर ही पुलिस की कार्रवाई पूर्ण मानी जाती है.

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