सहारनपुर में रफ्तार बनी मौत का पैगाम

सहारनपुर। यह हादसा तो इस बात का ही संकेत देता है कि खतरा लालबत्‍ती पर ही नहीं, सड़क पर कहीं भी है, जहां रफ्तार मौत का पैगाम बन सकती है। वाहन चलाने में असावधानी कहीं भी लाशों के ढेर लगा सकती है। ऐसे हादसे रोकने के लिए तो कानून भी कुछ नहीं कर सकता। भले ही हादसे रोकने के लिए नियम सख्‍त किए जा रहे हैं। इसलिए जब तक वाहन चालक खतरे के प्रति जागरूक नहीं होंगे, हादसे होते ही रहेंगे। रविवार की शाम कुछ ऐसा ही हुआ कि ट्रैक्टर-ट्राली चालक की जरा-सी लापरवाही और तेज रफ्तार से लाशों के ढेर लग गए। इस हादसे में दस लोगों की मौत हो गई और 35 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में सभी महिलाएं और लड़कियां हैं। ये सभी बागड़ (राजस्थान) से छड़ी लाने वाले युवक के घर से प्रसाद (चाब) चढ़ाकर अपने गांव लौट रहे थे।

चिलकाना थाना क्षेत्र के सुलतानपुर गांव निवासी सोनू राजस्थान के बागड़ से छड़ी लेने गया है। धार्मिक परंपरा के अनुसार छड़ी लाने वाले युवक के घर प्रसाद (चाब) चढ़ाया जाता है। इस कार्यक्रम में सभी परिचित और रिश्तेदार बड़ी संख्या में आते हैं। रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव सहजवा से लगभग 70 महिलाएं, लड़कियां और बच्चियां धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आई थीं। शाम पांच बजे धार्मिक अनुष्ठान के बाद सभी ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर वापस गांव के लिए चल दिए।

घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक सचिन निवासी सहजवा वाहन को तेज गति से चला रहा था। बार-बार पीछे मुड़कर भी देख रहा था। चिलकाना-सरसावा मार्ग स्थित चालाकपुर गांव से लगभग 200 मीटर पहले सचिन ने पीछे मुड़कर जैसे ही आगे देखा तो सामने से बाइक आ रही थी। इस पर सचिन ने तेज कट मारकर जैसे ही ब्रेक लगाया,  ट्रैक्टर घूम गया। ट्रैक्टर घूमने पर ट्राली का गुल्ला घूमा और पूरी ट्राली हवा में ही पलटी खा गई और सारे लोग उसके नीचे दब गए।

जिस समय ट्राली पलट रही थी उसमें सवार सभी ने एक दूसरे को कसकर पकड़ लिया। कुछ ने ट्राली पकड़ी ली। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि कुछ ही दूर खड़े तीन युवकों को भी समझ नहीं आया कि हुआ क्या। आनन-फानन लोग मौके की तरफ दौड़े और किसी तरह ट्राली को उठाया। ट्राली उठाने पर नीचे लाशों के ढेर लगे थे, जिसे देखकर वहां लोगों की रूह कांप गई। सड़क किनारे लाशों की लाइन लग गई। मरने वालों में सभी महिलाएं, लड़कियां और बच्चियां ही थी। चिलकाना पुलिस और आसपास के लोगों ने भी जो भी वाहन मिला, उसमें घायलों को अस्पताल भिजवाया। डीएम पवन कुमार, एसएसपी प्रदीप यादव, एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह मौके पर पहुंचे और सारी व्यवस्थाओं को संभाला। मरने वालों में आरती(10) पुत्री कौशल निवासी सहजवा, अंशुल(24) पुत्री ओमवीर निवासी सहजवा, काजल(13) पुत्री जोगेंद्र निवासी घसौती, पूजा(12) पुत्री प्रमोद निवासी सहजवा, रज्जो (50) पत्नी रमेश निवासी सहजवा-छोटी (18) पुत्री कौशल निवासी सहजवा-रूबी (25) पुत्री सोम्मा निवासी सहजवा, प्रिया(17) पुत्री अनुज निवासी सहजवा, राधिका(दस), अज्ञात(28) आदि शामिल हैं।

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