2019 के कुम्भ मेले में दिखाया जाएगा भारतीय फिल्मों के 106 साल का इतिहास

ओपिनियन पोस्ट
Tue, 12 Jun, 2018 19:35 PM IST

देबदुलाल पहाड़ी।

अगले साल 14 जनवरी से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में होने वाले कुम्भ मेले में इस बार भारतीय सिनेमा का 106 साल का इतिहास भी बताया जाएगा। 49 दिनों के इस कुम्भ मेले में हिंदी सिनेमा के साथ साथ भोजपुरी फिल्मों का और मराठी सहित अन्य रीजनल सिनेमा के इतिहास की झलक भी लोगो को देखने को मिलेगी ।

यह जानकारी संस्कार भारती के सह संगठन मंत्री अमीरचंद्र ने मुम्बई में आयोजित एक कार्यक्रम में दी।इस कार्यक्रम का आयोजन मुम्बई के अंधेरी स्थित रहेजा क्लासिक क्लब में किया गया। अमीरचंद्र ने कहा कि इस कुम्भ मेले में 40 दिन तक विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसके लिए 26 सेक्टर में 35 बड़े मंच बनाये जाएंगे ।साथ ही मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के निवेदन पर इलाहाबाद शहर में भी मंच बनाये जाएंगे ।इस पूरे आयोजन में 25 हजार कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।इसके लिए अमीरचंद्र ने हिंदी और भोजपुरी कलाकारों को भी आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि इस साल कुम्भ में पूरी दुनिया के 10 करोड़ सेअधिक श्रद्धालु आएंगे।इस वर्ष का कुम्भ मेला सांस्कृतिक धरोहर को और आगे बढ़ाएगा। अमीचन्द्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमे अपने शक्तियों को जानने की जरूरत है।पंडित दीनदयाल जी कलाकारों के लिए वरदान थे।सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय की देन है।कला और संस्कृति का मान जरूरी है।आज संस्कृति के बीज को संजोना पड़ेगा।सीमा की सुरक्षा जवानों के जिम्मे है तो संस्कृति की सुरक्षा कौन करेगा।उन्होंने रामायण का एक प्रसंग सुनाया कि भरत जब श्रीराम को लेने आये तो राम ने भरत से कहा। भरत तुम्हारी सेना में अवैतनिक सैनिक कितने हैं।भरत अचरज में पड़ गये।उन्होंने कहा सैनिक हैं तो वेतन लेंगे ही।तब प्रभु श्रीराम ने कहा था भरत को कि एक अइसी सेना तैयार करो जो अवैतनिक हो ,जो युद्ध जितने में तुम्हारी मदद करे।प्रभु श्रीराम ने इन्ही अवैतनिक सेना जो बानरी सेना थी के बल पर युद्ध जीता।इसी अवैतनिक सेना के बल पर संस्कृति की रक्षा होगी।

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इस अवसर पर सांसद और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि चंद्रगुप्त और चाणक्य हमारी संस्कृति को बचाने के लिए आगे आये।हमे अपनी संस्कृति पर गर्व करने की जरूरत है।बहुतो के मन मे दर्द और पीड़ा है।उन्होंने कहा कि आज भारतीयों को नए साल हमारी संस्कृति के अनुसार मनना चाहिए।मनोज तिवारी ने संस्कार भारती और अमीरचंद्र की तारीफ करते हुए कहा कि आज कला और सांस्कृतिक धरोहर को एक साथ सजोकर इसके प्रति युवा पीढ़ी को जागृत करना सम्मान की बात है। जिसके लिए हम सब संस्कार भारती और अमीरचंद्र के आभारी हैं।

इस अवसर पर गायक उदित नारायण,फ़िल्म फाइनेंसर दुर्गा प्रसाद मजूमदार,अभिनेता मनोज जोशी,गजेन्द्र चौहान,राखी सावंत,गायिका कल्पना पटवारी,निर्देशक गजेन्द्र सिंह,निर्देशक जगदीश शर्मा,असलम शेख,पंकज तिवारी,निर्माता प्रदीप भइया, निर्देशक के डी ,जय प्रकाश,बॉबी सिंह,मुकेश पांडे , कॉमेडियन सुनील पाल, गीतकार शब्बीर,विष्णु शंकर बेलू, संगीता तिवारी,अभिनेता राघव नैयर , सिंह,कनक पांडेय,किरण सिंह,कुणाल आदित्य,माधवी,राजेश गुप्ता, नरसू बोहरा, निर्देशक देव पांडे,आस्कर चैनल के आनंद सिंह ,कुलदीप श्रीवास्तव,विकास सिंह वीरप्पन, प्रमोद पांडे और पी आर वो शशिकांत सिंह मौजूद थे।कार्यक्रम का सन्चालन सांसद और भोजपुरी मेगा स्टार मनोज तिवारी ने किया जबकि अतिथियों का आभार अभिनेता मनोज जोशी ने किया।

 

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