ना कोई बिल, ना कोई टैक्स, दिल्ली में पहली बार पेश हुआ आउटकम बजट

ओपिनियन पोस्ट
Wed, 08 Mar, 2017 13:49 PM IST

सुनील वर्मा
नई दिल्ली। नगर निगम चुनाव से पहले दिल्ली सरकार ने आज दिल्ली का बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। यह केजरीवाल सरकार का तीसरा बजट है। इस बजट में न किसी नए टैक्स का प्रावधान किया गया है ना किसी सुविधा का बिल जारी करने की घोषणा हुई । पहली नजर में ही ये बजट निगम चुनाव में जनता को लुभाने वाला दिखाई दे रहा है । डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने नोटबंदी के बाद पहला बजट पेश करने से पहले एक शेर पढ़ा, ‘एक रात को आसमां का निजाम मेरे नाम कर दे मैं सारे तारे उठाकर गरीबों में बांट दूंगा। मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस बजट से लोगों को फायदा पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। दिल्ली का बजट इस बार परंपरा से हटकर है। देश में पहली बार आउटकम बजट पेश हुआ है। जिसके तहत सरकार और विभागों के बीच एग्रीमेंट होगा। विभाग लक्ष्य तय करेंगे और सरकार उनको पूरा करेगी। पूंजी और खर्च के जरिये विभागों का बजट तय होगा। हर तिमाही में विभागों द्वारा किए गए काम की समीक्षा की जाएगी कि जनता को कितना लाभ हुआ। एक नए मोबाइल ऐप के जरिए योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
सिसोदिया कहा कि दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि 20 हजार लीटर तक पानी माफ होगा और 400 यूनिट तक बिजली पर 50% सब्सिडी मिलेगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि 9 नए वोकेशनल कॉलेज खुले, उच्च शिक्षा के लिए लोन दिया।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सिसोदिया ने कहा इस बजट को हमने प्लान और नॉन प्लान जैसे परंपरागत सांचों से निकाल कर तैयार किया है। बजट को कैपिटल और रेवेन्यू दो हिस्सों में बंटा गया है। सिर्फ दिल्ली ही नही नेशनल और इंटरनेशनल लेवल दिल्ली सरकार के कामों के प्रति लोगों की उत्सुकता बनी है । 2017-18 के लिए कुल बजट अनुमान 48,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए है। 29,500 करोड़ , प्रशासनिक व्यय, स्थानीय निकायों को हस्तांतरण, परिवहन, पानी, और बिजली सब्सिडी आदि के लिए है तथा 18,500 करोड़ रूपये विभिन्न कार्यक्रमों, स्कीमों और पूंजी परियोजनाओं आदि से संबधित है। नगर निगमों को कुल बजट का 15.8% से ज्यादा उनको आवंटित किया गया, उनसे कोई ऋण और ब्याज नहीं लिया गया। शहरी विकास, हेल्थ, एजुकेशन और ट्रांसपोर्ट जैसे विकास कामों के लिए 1718 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया गया है।
बेघरों के लिए इंटरनेशनल लेबल के 10 रैनबसेरों कौशल विकास का काम शुरू किया है । सिसोदिया ने बताया EWS कैटेगरी के बच्चों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत एडमिशन दिया गया है। प्राइवेट स्कूलों के फीस के ढांचे को रेगुलेट करने की कोशिश की। इसका नतीजा यह हुआ कि कई स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस वापस ली। हमने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गेस्ट टीचर्स की सेलरी में बढ़ोतरी की। ऐतिहासिक फैसला करते हुए दिल्ली सरकार ने हाल ही में न्यूनतम वेतन में करीब 37% की बढ़ोतरी की है। दिल्ली सरकार ने सीनियर सिटिजन, विधवा महिलाओं के साथ दिव्यांग जनों की पेंशन में हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की है। इस बार नोटबंदी के कारण राज्य के आर्थिक परिदृश्य में काफी नकारात्मक रुझान देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक का प्रयोग बेहद सफल रहा है। सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार के टेस्ट फ्री किए गए। दिल्ली में दो नए DIIT स्थापित किए जाएंगे, ताकि शिक्षा की क्वॉलिटी में सुधार हो। कुल 8,000 स्कूलों के कमरे बनकर तैयार हैं। 156 सरकारी स्कूलों में नर्सरी की क्लास शुरू की जाएंगी। 10 अर्ली चाइल्डहुड लर्निंग सेंटर खोले जाएंगे। सरकारी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 10वीं कक्षा के लिए लाइब्रेरी का निर्माण होगा। लाइब्रेरी के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। 5 नए स्कूल ऑफ एक्सिलेंस खोले जाएंगे और इनमें केवल अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होगी। वरिष्ठ नागरिक की पेंशन में एक हजार बढ़ोतरी की गई है ।

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