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इंटरनेट की मोहताज नहीं यह कैशलेस व्‍यवस्‍था

आ गया भीम एप, ऐसी तकनीक कि अंगूठा लगाकर ही हो जाएगा भुगतान

नई दिल्ली। कैशलेस व्‍यवस्‍था अब इंटरनेट की मोहताज नहीं रहेगी, क्‍योंकि सरकार नकदमुक्‍त भुगतान की समस्‍याओं के समाधान में लगी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को डिजी धन मेला प्रोग्राम में लकी विजेताओं के लिए ड्रॉ निकाला और चुनिंदा लोगों को प्राइज भी दिए। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए उन्‍होंने शुक्रवार को नया मोबाइल एप भीम लॉन्च किया, जिसे नकदमुक्‍त अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया जा रहा है।

इस अवसर पर मोदी ने कहा, ”सरकार ऐसी टेक्नोलॉजी ला रही है, जिसके जरिये बिना इंटरनेट के भी आपका पेमेंट हो सकेगा। अंगूठा जो कभी अनपढ़ होने की निशानी था,  वह डिजिटल पेमेंट की ताकत बन जाएगा। आपका अंगूठा ही डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए काफी होगा।”

भीम यूपीआई बेस्ड एप है। आधार इनेबल्ड एप नए साल में आने वाला है। मोदी शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में डिजि-धन मेला में पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने वाले लोगों और कलेक्टरों को सम्मानित किया। डिजि धन योजना के विजेताओं की घोषणा की।

सरकार के आधार इनेबल्ड एप के प्रोजेक्ट के बारे में मोदी ने कहा, ”दो हफ्ते के बाद जब ये व्यवस्था शुरू होगी,  तब ये भीम एप दुनिया के लिए सबसे बड़ा अजूबा होगा। पहले अनपढ़ को अंगूठा छाप कहा जाता था। अब वक्त बदल चुका है, अब आपका अंगूठा आपका बैंक,  आपकी पहचान,  आपका कारोबार होगा। ये बहुत बड़ी क्रांति है।”

”65 प्रतिशत नौजवान 35 साल से कम के हैं, 100 करोड़ लोगों के पास मोबाइल हो, जहां अंगूठे में ही उनका भविष्य तय कर दिया गया हो,  वह देश क्या कर सकता है आप अंदाजा लगा सकते हैं।”

”देश में आधार कार्ड 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिल चुका है। 12-15 साल से छोटी आयु वालों को आधार देने का काम चल रहा है। बड़ी उम्र वालों में लगभग सबको आधार नंबर मिल गया है।”

”ये होने के बाद दुनिया के दूसरे जो देश हैं वो गूगल गुरु के पास जाएंगे और पूछेंगे कि ये भीम है क्या?  शुरुआत में तो उन्हें महाभारत वाला भीम दिखेगा। और गहरा जाने पर उन्हें दिखेगा कि भारत में भारत रत्न भीमराव अंबेडकर थे,  जिनका मंत्र था बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय। ये एप गरीब से गरीब आदमी को ताकतवर बनाएगा। ये अमीरों का नहीं,  ये गरीबों का खजाना है।”

”ये एप छोटे व्यापारियों, किसानों, गरीबों, आदिवासियों को ताकत देगा। इसलिए अंबेडकर के नाम पर एप बनाया,  जिन्होंने दलितों,  शोषितों और पिछड़ों के लिए अपना जीवन लगा दिया।”

‘ये देश को 2017 का नजराना है। 5 मिनट के भीतर-भीतर 5000 रुपये इन छोटे लोगों को लोन मिल जाएगा। इस काम को आगे बढ़ाने के लिए भीम जैसा प्लेटफॉर्म मिल रहा है।’

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