बाबा रामदेव के खिलाफ़ मामला दर्ज करने की मांग

ओपिनियन पोस्ट
Mon, 04 Apr, 2016 18:45 PM IST

नई दिल्ली/रोहतक बाबा रामदेव के विवादित बयान ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व गृह राज्य मंत्री सुभाष बत्रा ने रामदेव पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि सदभावना सम्मेलन में एक धार्मिक प्रतीक का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने एक सम्प्रदाय विशेष के खिलाफ जिस तरह की नफरत और हिंसा भड़काने की भाषा का इस्तेमाल किया है वह न सिर्फ निंदनीय है बल्कि राष्ट्रविरोधी आपराधिक कृत्य है।

सोमवार को पूर्व गृह राज्य मंत्री सुभाष बत्रा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। एसपी के कार्यालय में उपस्थित न होने के कारण उन्होंने बाबा रामदेव के खिलाफ शिकायत दी। सुभाष बत्रा का कहना है कि जिस तरह से सम्मेलन में ब्यान दिया गया है कि उससे साफ कि वह देश में धार्मिक भावनाओं को भड़काना चाहते है।

दरअसल,, हरियाणा के रोहतक में एक कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को आड़े हाथ लिया था। रामदेव ने कहा था कि उनके हाथ कानून से बंधे हैं, वरना कोई भारत माता का अपमान करे तो एक नहीं लाखों सिर काटने का साहस रखते हैं।

गौरतलब है कि बीते महीने ओवैसी ने ‘भारत माता की जय’ नारे को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को खारिज करते हुए कहा था कि उनकी गर्दन पर चाकू भी रख दिया जाए’ तब भी वह ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलेंगे। भागवत ने ओवैसी के बयान से पहले कहा था कि नई पीढी को भारत माता की जय के नारे लगाना सिखाया जाना चाहिए।

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