आईपीएल की चमक में ओझल न हो जाए विश्व चैंपियन बनने का सपना

रेनु कुशवाह
Sun, 10 Mar, 2019 15:25 PM IST

वर्तमान भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी की मुख्य कड़ी कप्तान विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि यदि विश्व कप से ठीक पहले आईपीएल के दौरान बदकिस्मती से विराट और बुमराह चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं तो क्या हम इसके लिए तैयार है?

16 फटाफट क्रिकेट के सालाना भारतीय महोत्सव के 12 मई को समापन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम 30 मई से इंग्लैंड की मेजबानी में खेले जाने वाले आईसीसी विश्व कप में उतरेगी. जहां उसे मेजबान इंग्लैंड के साथ खिताबी जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. विभिन्न प्रयोगों के बीच विराट की सेना का कंगारुओं के खिलाफ सीमित ओवरों की घरेलू सीरीज में प्रदर्शन निराशाजनक रहा. दो मैचों की टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद पांच मैचों की वनडे सीरीज में भी टीम इंडिया ने निराश किया. सीरीज में 2-0 की शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को बराबरी करने का मौका दे दिया.

विश्व कप से पहले अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से प्रशंसक नाखुश दिखे. सबका मानना था कि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की गैरमौजूदगी के बावजूद कंगारू भारतीय शेरों को उनकी सरजमीं पर चुनौती देने में सफल रहे. यह एक तरह से उस भारतीय टीम की हार है, जिसने कंगारुओं को कुछ समय पहले उनके ही घर में धूल चटाई थी. ऐसे में अब आईपीएल की चकाचौंध के बीच टीम इंडिया विश्व कप की तैयारी करेगी. जहां पहले से ही अत्यधिक वर्कलोड का सामना कर रहे खिलाडिय़ों के सामने टी-20 क्रिकेट खेलते हुए अपनी फिटनेस बनाए रखने की चुनौती होगी.

खेल के दौरान किसी खिलाड़ी का चोटिल होना आम बात है. वर्तमान भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी की मुख्य कड़ी कप्तान विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि यदि आईपीएल के दौरान विराट और बुमराह चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं तो क्या हम इसके लिए तैयार है? या फिर अपनी जगह पक्की कर चुका कोई अहम खिलाड़ी विश्व कप से पहले चोटिल हो जाता है तो क्या चयनकर्ताओं के पास उस खिलाड़ी का कोई उपयुक्त विकल्प तैयार है जिसके आने से टीम के संतुलन पर कोई फर्क न पड़े? इन सवालों के जवाब आम तौर पर ना में ही मिलते हैं. चार साल के अंतराल में आयोजित होने वाले विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले खिलाडिय़ों के फॉर्म के साथ-साथ उनकी फिटनेस भी बेहद अहम हो जाती है. जिस पर इस बार चयन समिति के साथ-साथ भारतीय टीम मैनेजमेंट की पैनी नजर होगी.

विश्व कप से पहले 73 दिन रहेंगे वनडे फॉर्मेट से दूर

23 मार्च को शुरू हो रहे आईपीएल के बारहवें सीजन का फाइनल 12 मई को खेला जाएगा. तकरीबन 7 सप्ताह तक चलने वाली दुनिया की सबसे पॉपुलर टी-20 लीग में भारतीय क्रिकेट के तकरीबन सभी बड़े सितारे अपनी चमक बिखेरते नजर आएंगे. इसके महज 23 दिन बाद ही भारतीय टीम 5 जून को साउथैम्पटन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी. लीग मैच से पहले भारतीय टीम को 25 मई को न्यूजीलैंड और 28 मई को बांग्लादेश के खिलाफ कार्डिफ में अभ्यास मैच खेलने का मौका मिलेगा. इसका सीधा सा मतलब यह है कि वो 13 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज का पांचवां और अंतिम मैच खेलने के 73 दिन बाद भारतीय खिलाड़ी एक टीम के रूप में फिफ्टी ओवर फॉर्मेट का मैच खेलने उतरेंगे. यानी ट्वेंटी-ट्वेंटी खेलकर हमारी टीम एकदिवसीय विश्व कप की तैयारी करेगी. क्या इसका असर उनके खेल पर नहीं पड़ेगा?

कैप्टन कोहली को है विराटचिंता

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी-20 और वनडे सीरीज के आगाज से पहले विराट कोहली से विश्व कप से पहले आईपीएल के बारे में पूछा गया तो वो भी चिंतित नजर आए. इस दौरान कैप्टन कोहली ने विश्व कप के संभावित खिलाडिय़ों को आनन-फानन में एक विराट सलाह भी दे डाली. उन्होंने विश्व कप टीम के संभावित खिलाडिय़ों से कहा है कि

टी-20 क्रिकेट खेलते हुए उनके खेल में वनडे के लिहाज से ज्यादा बदलाव न आए. विराट के बयान का सीधा मतलब है कि खिलाडिय़ों को तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हुए खेल के तरीके में शामिल होने वाली खराब आदतों से बचना होगा. विराट ने कहा कि आईपीएल की वजह से खिलाडिय़ों के खेल में कोई बदलाव आता है और इसका असर विश्व कप में उनके प्रदर्शन पर पड़ता है, तो ये टीम के हित में नहीं होगा. इससे बचने के लिए विराट ने साथी खिलाडिय़ों को सलाह देते हुए कहा कि इन चीजों से बचने के लिए अगर खिलाडिय़ों को आईपीएल से आराम लेने की जरुरत पड़े, तो वो ये निर्णय भी ले सकते हैं. उनके लिए राष्ट्रीय टीम का हित सर्वोपरि है इसलिए वो चाहते हैं कि टीम इंडिया के साथ खिलाड़ी आईपीएल के दौरान इन बातों का ख्याल रखें. सभी खिलाडिय़ों को आईपीएल के दौरान खराब आदतें नहीं डालने के लिये निरंतर प्रयास करने होंगे ताकि इस पर लगाम लग सके. खराब आदतों की वजह से यदि आप अपनी लय खोते हैं तो विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में फॉर्म में वापसी करना बेहद मुश्किल हो जाता है.

टीम मैनेजमेंट खिलाडिय़ों पर लगातार रखेगा नजर : शास्त्री

आईपीएल के दौरान खिलाडिय़ों की फिटनेस को लेकर टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा था कि भारतीय टीम मैनेजमेंट आईपीएल के दौरान आगामी विश्व कप के मद्देनजर खिलाडिय़ों को फिट और तरोताजा रखने की योजना पर काम कर रहा है. इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम मैनेजमेंट बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक समिति (सीओए) के लगातार संपर्क में है. शास्त्री ने कहा, हम खिलाडिय़ों पर लगातार नजर रखेंगे. पिछले आईपीएल सीजन की तुलना में इस बार हमारी नजर नए और युवा खिलाडिय़ों के स्टार बनता देखने से ज्यादा संभावित खिलाडिय़ों की फिटनेस पर होगी.

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बीसीसीआई ने किया है प्लान तैयार

खिलाडिय़ों  को विश्वकप से पहले तरोताजा रखने के लिए बीसीसीआई ने अपनी तरफ से तैयारी की है. बोर्ड ने आईपीएल की सभी टीमों के मालिकों और मैनेजमेंट के साथ इस बारे में बातचीत की है. आईपीएल का आयोजन विश्व कप से ठीक पहले हो रहा है ऐसे में खिलाडिय़ों  के शरीर पर पडऩे वाले भार की देखरेख और भी अहम हो जाती है, क्योंकि आईपीएल के दौरान कोई भी टीम ऐसा नहीं चाहेगी कि उनके बड़े सितारे मैदान पर खेलने न उतरें. टीमें चाहती हैं कि जिन खिलाडिय़ों को उन्होंने मोटी रकम खर्च करके अपने दल में शामिल किया है वो उनके लिए लीग के दौरान सभी मैच खेलें और टीम को खिताबी जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा करें. ऐसे में बीसीसीआई की योजना किस हद तक अमल में आती है ये देखने वाली बात होगी.

विदेशी खिलाडिय़ों पर लगा है आंशिक प्रतिबंध

विश्व कप में भाग लेने वाले अधिकांश देशों ने अपने खिलाडिय़ों के आईपीएल-12 में खेलने पर आंशिक तौर पर प्रतिबंध लगाया है. गत विजेता ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड ने विश्व कप से पहले तैयारी के लिए कैंप में अपने खिलाडिय़ों को 2 मई तक वापस लौटने को कहा है. वहीं इंग्लैंड ने 25 अप्रैल तक खिलाडिय़ों को स्वदेश वापस लौटने का फरमान सुनाया है. कंगारू कप्तान एरोन फिंच, ग्लैन मैक्सवेल, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे खिलाड़ी नीलामी से पहले ही आईपीएल के आगामी सीजन से दूरी बना चुके थे. वहीं दक्षिण अफ्रीकी खिलाडिय़ों को 10 मई, श्रीलंकाई खिलाडिय़ों को 6 मई, बांग्लादेशी खिलाडिय़ों को 15 अप्रैल और आयरलैंड के खिलाडिय़ों को 30 अप्रैल तक स्वदेश वापस लौटना है. हालांकि वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के क्रिकेट बोर्ड ने अब तक इस तरह के किसी प्रतिबंध की घोषणा नहीं की है. ऐसे में दुनिया के तकरीबन सभी बड़े खिलाडिय़ों के पास मैच प्रैक्टिस के साथ-साथ अपनी लय बनाए रखने का ये एकलौता मौका है, क्योंकि आईपीएल की कोई भी टीम अप्रैल के महीने में कोई मैच नहीं खेलेगी. विदेशी खिलाड़ी टूर्नामेंट खत्म होने से पहले स्वदेश लौट जाएंगे इसलिए उनके ऊपर ज्यादा दबाव नहीं होगा, लेकिन भारतीय टीम के खिलाडिय़ों को अंत तक टूर्नामेंट में बने रहना होगा.

अन्य टीमों का कैसा रहेगा हाल

मार्च के बाद आगामी विश्व कप में भाग लेने वाली कोई भी टीम अप्रैल के महीने में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलती नजर नहीं आएगी. ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के बाद पाकिस्तान के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलने यूएई जा रही है. 31 मार्च को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाले सीरीज का पांचवें और आखिरी वनडे मैच के बाद एक महीने तक कोई भी टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलेगी. इसके बाद 3 मई को पहला अंतरराष्ट्रीय मैच मेजबान इंग्लैंड, आयरलैंड के खिलाफ एक वनडे मैच खेलेगी. इसके बाद विश्व कप से पहले वो साल 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी विजेता पाकिस्तान के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में दो-दो हाथ करेगी. वहीं दूसरी तरफ वेस्टइंडीज, बांग्लादेश जैसी टीमें आयरलैंड के साथ उनके घर पर त्रिकोणीय श्रृंखला के जरिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देंगी. वहीं श्रीलंका स्कॉर्टलैंड के खिलाफ और अफगानिस्तान आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलकर अपनी तैयारियों को पुख्ता करेंगे.

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कैसे मिलेगा खिलाडिय़ों को आराम

इस बार आईपीएल की चमक स्टार विदेशी खिलाडिय़ों के जल्दी स्वदेश वापसी की वजह से फीकी रहेगी. वहीं यदि टीम इंडिया के स्टार खिलाडिय़ों को लेकर बीसीसीआई भी कुछ ऐसा रुख अपनाता है तो भी विराट कोहली, एमएस धोनी, रोहित शर्मा, दिनेश कार्तिक जैसे खिलाडिय़ों को टीम की कमान संभालने के कारण इसका फायदा नहीं मिलेगा. उन्हें अधिकतर मैच खेलने ही होंगे. सबसे ज्यादा परेशानी तेज गेंदबाजों को लेकर है. भारतीय टीम मैनेजमेंट पहले से ही गेंदबाजों को समय समय पर रोटेशन के तहत आराम देता रहा है. ऐसे में बड़े निर्णय गेंदबाजों को लेकर ही होंगे. जिसमें मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल और हार्दिक पांड्या हैं. ये सभी अपनी-अपनी आईपीएल टीमों के अहम खिलाड़ी हैं जिन्हें अधिकतर मैचों में प्लेयिंग इलेवन से बाहर रख पाने का निर्णय आसान नहीं होगा.

आईपीएल की वजह से पहले भी हाल बेहाल

भारतीय टीम को आईपीएल की वजह से पहले भी टीम इंडिया का आईसीसी इवेंट्स में हाल बेहाल हो चुका है. साल 2009 इंग्लैंड की मेजबानी में आयोजित दूसरे टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया आईपीएल के बाद पहुंची थी. यहां डिफेडिंग चैंपियन भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था और वो पांच में से केवल दो मैच जीत सकी थी. वो जीत भी उसे बांग्लादेश और आयरलैंड जैसी कमजोर टीमों के खिलाफ मिली थी. 2010 में वेस्टइंडीज की मेजबानी में आयोजित टी-20 विश्व कप में भी भारतीय टीम आईपीएल के बाद पहुंची थी. इस बार भी भारत केवल दो मैच जीत सकी जिसमें से एक जीत उसे अफगानिस्तान के खिलाफ और दूसरी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली थी. हालांकि, आईपीएल के बाद वनडे फॉर्मेट की ऑईसीसी स्पर्धाओं में भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा है. भारत ने आईपीएल के बाद साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था  इसके बाग साल 2017 में इसी टूर्नामेंट के फाइनल में उसे हार मिली थी.

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