आईडीबीआई बैंक में भी 772 करोड़ रुपये का घपला

ओपिनियन पोस्ट
Wed, 28 Mar, 2018 16:20 PM IST

नई दिल्ली।

आईडीबीआई बैंक में भी 772 करोड़ रुपये का घपला सामने आया है। घपला बैंक की आंध्र प्रदेश और तेलंगाना स्थित 5 शाखाओं में हुआ। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इस खबर का असर बैंक के स्टॉक पर भी दिखा, जिसमें 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

आईडीबीआई बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को दी फाइलिंग में कहा है कि फ्रॉड लोन के माध्यम से हुए और इनमें से कुछ लोन वर्ष 2009 से 2013 के दौरान फिश फार्मिंग के लिए दिए गए थे। बैंक ने कहा कि फिश फार्मिंग के नाम पर कुछ लोन फर्जी दस्‍तावेज के आधार पर दिए गए थे।

इनमें तालाब के पट्टे के ऐसे डॉक्यूमेंट भी शामिल थे, जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं था। इसके साथ ही कोलेटरल यानी गिरवी रखी गई एसेट की वैल्यू को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था।

लोन की प्रोसेसिंग में खामियां

बैंक ने अपने दो अधिकारियों द्वारा लोन की प्रोसेसिंग और वितरण में तमाम खामियां पाईं। लेंडर ने उनमें से एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया है, जबकि दूसरे अधिकारी रिटायर हो चुके हैं।

कंपनी ने कहा कि सीबीआई ने बैंक की 5 शिकायतों में 2 के मामले में केस दर्ज कर लिया है, जो उसकी बशीरबाग और गुंटूर ब्रांच से संबंधित हैं। बैंक ने मंगलवार को क्वालिटी एश्योरेंस ऑडिट की शुरुआत कर दी है, जो अप्रैल में पूरी होने का अनुमान है।

बैंक के शेयर में गिरावट

आईडीबीआई बैंक का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा गिरकर 73 रुपये पर आ गया, जबकि पब्लिक सेक्टर के लेंडर के इंडेक्स निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही थी।आईडीबीआई बैंक लि. ने मंगलवार को कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उसकी पांच शाखाओं से फर्जीवाड़े से 772 करोड़ रुपये के ऋण जारी किए गए हैं। इस खुलासे के बाद बुधवार को बैंक के शेयरों में गिरावट आई।

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मछली पालन व्यवसाय के लिए 2009-2013 के वित्त वर्षों के दौरान कुछ ऋण जारी किए गए थे। कंपनी का कहना है कि इन्‍हें गैर-मौजूद मछली तालाबों के पट्टे के नकली दस्तावेज के आ‍धार पर प्राप्त किया गया था और गारंटी के मूल्य को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया। कंपनी ने अपने दो अधिकारियों द्वारा ऋण देने में और इस प्रक्रिया में बड़ी चूक पाई। इस ऋणदाता ने इन अधिकारियों में से एक को हटा दिया, जबकि अन्य अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुका है।

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