19 नवंबर के बाद कभी भी हो सकता है संसद का शीतकालीन सत्र

नई दिल्ली- केंद्र सरकार संसद का शीतकालीन सत्र 19 नवंबर के बाद कभी भी बुला सकती है। हालांकि इसके लिए तिथि तय नहीं हुई है। इसके लिए राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की आज बैठक हुई। हालांकि इसके लिए सरकार ने फैसला एक हफ्ते के लिए टाल दिया है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू, वित्त मंत्री अरूण जेटली और कानून मंत्री सदानंद गौड़ा भी मौजूद थे ।
सरकार 19 नवंबर को संविधान दिवस मनाने की योजना बना रही है, इसलिए समिति ने संविधान निर्माण पर एक दिन की चर्चा कराने पर भी विमर्श किया ।
समिति ने इस बात को भी संज्ञान में लिया कि राज्यसभा में 53 विधेयक लंबित हैं जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है । इनमें से आठ विधेयक जहां लोकसभा पारित कर चुकी है, वहीं पांच अन्य विभिन्न संसदीय समितियों में लंबित हैं। महत्वपूर्ण जीएसटी विधेयक भी संसद में लंबित है । सरकार को इसके इस सत्र में पारित होने की उम्मीद है। जबकि मानसून सत्र कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ आरोपों के चलते लगभग बेकार चला गया था।

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