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राजस्‍थान और मप्र के बाद यूपी व बिहार के उपचुनाव में भी भाजपा को झटका   

यूपी के फूलपुर व गोरखपुर में सपा ने गाड़े जीत के झंडे, बिहार के जहानाबाद व अररिया में आरजेडी का जलवा, सिर्फ भभुआ में जीती भाजपा  

नई दिल्ली।

राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश के बाद उत्‍तर प्रदेश व बिहार के उपचुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी को जोर का झटका लगा है। समाजवादी पार्टी ने फूलपुर और गोरखपुर में जीत के झंडे गाड़ दिए हैं तो बिहार के अररिया व जहानाबाद में आरजेडी का जलवा है। भाजपा सिर्फ भभुआ विधान सभा सीट जीत सकी है।

उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों और बिहार की एक लोकसभा व  दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने गोरखपुर और फूलपुर सीट जीत ली है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की फूलपुर सीट पर सपा-बसपा उम्मीदवार नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने जीत दर्ज की है। सीएम योगी आदित्‍यनाथ के गढ़ गोरखपुर में सपा-बसपा उम्‍मीदवार प्रवीण निषाद भारी मतों से जीते हैं।

बिहार के जहानाबाद विधानसभा सीट और अररिया लोकसभा सीट आरजेडी के खाते में गई है। उपचुनाव में बिहार की सिर्फ भभुआ विधानसभा सीट पर बीजेपी का ‘कमल’ खिला है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फूलपुर लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी समर्थित समाजवादी पार्टी उम्मीदवार को जीत की बधाई दी है। उन्‍होंने कहा,  ‘हमसे सपा-बसपा के गठबंधन को समझने में भूल हुई है। हम हार स्वीकार करते हैं। उपचुनाव में मिली हार की समीक्षा की जाएगी।’

उत्‍तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी नागेंद्र पटेल ने भाजपा उम्मीदवार कौशलेंद्र पटेल को 59,613 मतों से शिकस्त दी है। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई है। बिहार की अररिया लोकसभा सीट से राजद उम्मीदवार सरफराज आलम जीत गए हैं।

फूलपुर सीट उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद त्यागपत्र देने के कारण खाली हुई थी। फूलपुर उपचुनाव के लिए 37.4 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में 50.2 फीसदी मतदान हुआ था। इस तरह इस बार 12.4 फीसदी वोटिंग कम हुई है।

आजादी के बाद पहली बार मोदी लहर में फूलपुर में भाजपा का 2014 के लोकसभा चुनाव में खाता खुला था। केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी।

गोरखपुर सीट के लिए 10 उम्मीदवार मैदान में थे। गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद त्यागपत्र देने के कारण खाली हुई थी।

बिहार में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर सभी की निगाहें हैं। अररिया लोकसभा सीट आरजेडी उम्मीदवार सरफराज आलम के पिता और सांसद तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद खाली हुई थी। बिहार की सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए के साथ आने के बाद यह पहला उपचुनाव है।

लोकसभा सीटों के नतीजे न सिर्फ यूपी बल्कि केंद्र की राजनीति के सियासी समीकरणों में भी बड़ा बदलाव लाएंगे। खासतौर पर गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव को राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सपा-बसपा की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है।

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