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राजनीतिक हिंसा का अंतहीन सिलसिला

सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले ने कहा था, बंगाल जो आज सोचता है, वह भारत कल सोचता है. गोखले की बातों से किसी को इंकार नहीं हो सकता, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद भी बं...

बाबुओं की समीक्षा

मोदी सरकार नौकरशाही को सुव्यवस्थित और गतिरोध दूर करने के लिए काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पिछले चार सालों के दौरान यानी 2015 और 2018 के बीच केंद्र ने 1100 से अधिक आईएएस अधिकारियों के सर्विस रि...

मोदी का तूफान और न्याय का दीया

चुनावी राजनीति के अखाड़े में तार-तार होती मर्यादा ने इस बार पूरी तरह जता दिया कि उसने राजनेताओं की सहोदर होना छोड़ दिया है. जनसभाओं एवं रैलियों में लोगों को रिझाने के लिए राजनेताओं ने एक-दूसरे पर जिस...

भारी-भरकम जीत के अपने-अपने दावे

चुनावी कारवां गुजर चुका है, अब फिजां में सिर्फ गुबार ही गुबार है. आम जन को २३ मई का इंतजार है, जब ईवीएम नतीजे देना शुरू करेगी. हालांकि, मैदान में निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे बीजद और भाजपा ने अभी से एक-दू...

एक दुकान, हर समाधान

अफागर वे मुकदमे जिता सकते हैं, तो देश में व्याप्त बेरोजगारी क्यों नहीं दूर कर देते? अपराधियों का सया क्यों नहीं कर देते? नक्सलियों पर अपना जादू क्यों नहीं चलाते कि वे असलहे छोडक़र तेंदू पत्ते से बीड़ी...

विकास की आड़ में पहाड़ों की लूट

नेतरहाट की पहाडिय़ां अपने सौंदर्य के लिए देश भर में विख्यात हैं, लेकिन खनन कंपनियां उनकी सुंदरता पर ग्रहण लगा रही हैं. वे यहां की अपार खनिज संपदा लूटने पर आमादा हैं, जिससे आदिवासियों का जीवन दूभर हो गय...

किसी की राह आसान नहीं

वामपंथ को उखाड़ कर समाजवाद स्थापित करने वाले मगध की जहानाबाद संसदीय सीट काफी ‘हॉट’ मानी जाती है. यूं तो राज्य में कई लोकसभा क्षेत्र भूमिहार बहुल हैं, लेकिन भूमिहार राजनीति का पैमाना नापने का थर्मामीटर...

एमवाई समीकरण की परीक्षा

मुंबई एवं दिल्ली में भवन निर्माण कार्य से संबद्ध मजदूर घर नहीं लौटे हैं. अधिकांश घरों में केवल महिलाएं एवं बुजुर्ग नजर आते हैं. 17वीं लोकसभा के लिए अपना प्रतिनिधि चुनने की जिम्मेदारी इन्हीं महिलाओं एव...

कांग्रेस का पलड़ा भारी

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब सबको 23 मई का इंतजार है, जब चुनाव के नतीजे घोषित होंगे. यूं तो राज्य में बहुजन समाज पार्टी ने भी...

अखिलेश के लिए सुरक्षित सीट की तलाश

बसपा के साथ गठबंधन के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस बार वह खुद चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. इसलिए एक ऐसी सीट तलाश की जा रही है, जहां से जीतना आसान हो. कुछ समय प...

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