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भाजपा के सामने थी गंभीर चुनौतियां

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के लिए अपना पिछला प्रदर्शन दोहरा पाना एक बड़ी चुनौती थी. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को 41 सीटें मिली थीं, जिन्हें बरकरार रखना बहुत मुश्किल था. मराठा...

सड़क से संसद तक सिर्फ़ मोदी

यह चुनाव ऐतिहासिक है. इसलिए नहीं कि जीत ऐतिहासिक है. इसलिए कि इस चुनाव ने कई राजनीतिक मिथक तोड़ दिए हैं. इस चुनाव ने मुद्दों को पुनर्परिभाषित कर दिया है. इस चुनाव ने जाति-धर्म के नाम पर बनने वाले गठबं...

बाबुओं की समीक्षा

मोदी सरकार नौकरशाही को सुव्यवस्थित और गतिरोध दूर करने के लिए काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पिछले चार सालों के दौरान यानी 2015 और 2018 के बीच केंद्र ने 1100 से अधिक आईएएस अधिकारियों के सर्विस रि...

मोदी का तूफान और न्याय का दीया

चुनावी राजनीति के अखाड़े में तार-तार होती मर्यादा ने इस बार पूरी तरह जता दिया कि उसने राजनेताओं की सहोदर होना छोड़ दिया है. जनसभाओं एवं रैलियों में लोगों को रिझाने के लिए राजनेताओं ने एक-दूसरे पर जिस...

भारी-भरकम जीत के अपने-अपने दावे

चुनावी कारवां गुजर चुका है, अब फिजां में सिर्फ गुबार ही गुबार है. आम जन को २३ मई का इंतजार है, जब ईवीएम नतीजे देना शुरू करेगी. हालांकि, मैदान में निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे बीजद और भाजपा ने अभी से एक-दू...

एक दुकान, हर समाधान

अफागर वे मुकदमे जिता सकते हैं, तो देश में व्याप्त बेरोजगारी क्यों नहीं दूर कर देते? अपराधियों का सया क्यों नहीं कर देते? नक्सलियों पर अपना जादू क्यों नहीं चलाते कि वे असलहे छोडक़र तेंदू पत्ते से बीड़ी...

विकास की आड़ में पहाड़ों की लूट

नेतरहाट की पहाडिय़ां अपने सौंदर्य के लिए देश भर में विख्यात हैं, लेकिन खनन कंपनियां उनकी सुंदरता पर ग्रहण लगा रही हैं. वे यहां की अपार खनिज संपदा लूटने पर आमादा हैं, जिससे आदिवासियों का जीवन दूभर हो गय...

निशिकांत और प्रदीप में कांटे की टक्कर

जातीय आंकड़ों पर गौर करें, तो गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिम, यादव एवं आदिवासी मतदाता पूरी तरह महागठबंधन के पक्ष में एकजुट हैं, जिसमें टूट की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. वहीं निशिकांत दूबे के पक्ष...

मैदान में दिग्गज, वोटर खामोश

राज्य ही नहीं, देश की नजर जिन प्रमुख लोकसभा क्षेत्रों पर है, उनमें पटना साहिब भी शामिल है, जहां दो दिग्गजों के बीच सीधी टक्कर है. भाजपा और कांग्रेस के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है. एनडीए और म...

किसी की राह आसान नहीं

वामपंथ को उखाड़ कर समाजवाद स्थापित करने वाले मगध की जहानाबाद संसदीय सीट काफी ‘हॉट’ मानी जाती है. यूं तो राज्य में कई लोकसभा क्षेत्र भूमिहार बहुल हैं, लेकिन भूमिहार राजनीति का पैमाना नापने का थर्मामीटर...

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