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क़द्दावर चेहरों के बीच आर-पार की लड़ाई

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अश्विनी चौबे ने जगदानंद सिंह को एक लाख से अधिक वोटों से पराजित किया था. इस बार भी दोनों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा के ददन पहलवान...

राजनीतिक हिंसा का अंतहीन सिलसिला

सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले ने कहा था, बंगाल जो आज सोचता है, वह भारत कल सोचता है. गोखले की बातों से किसी को इंकार नहीं हो सकता, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद भी बं...

क्षेत्रीय क्षत्रपों के अंत की शुरुआत

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के लोकसभा उपचुनाव में तीन सीटें जीतने के बाद महागठबंधन (सपा-बसपा-रालोद) का आत्मविश्वास बढऩा लाजिमी था. लेकिन, यह आत्मविश्वास इतनी जल्दी डिग जाएगा, इसका अंदाजा शायद ही मायावती...

भगवा हुआ ब्रह्मपुत्र का पानी

असम पूर्वोत्तर भारत के इस राज्य में भाजपा ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सेंध लगाना शुरू कर दिया था. पूर्वोत्तर में साल 2014 के पहले भाजपा का कोई बड़ा आधार नहीं था, लेकिन उसने धीरे-धीरे यहां अपन...

कांग्रेस का बढ़ा वोट आप क्लीन बोल्ड

दिल्ली दिल्ली की राजनीति ने फिर करवट ली. भाजपा ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया और आम आदमी पार्टी की सारी संभावनाओं पर पानी फेर दिया. दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की...

गठबंधन पर भारी पड़ी भाजपा

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव में ८० में से ६२ सीटों पर भाजपा को जीत दिलाकर ऐलानिया साफ किया है कि मौसमी-मौकापरस्त सियासी जोड़-तोड़ के लिए उसके दिल में कोई जगह नहीं है. या...

फिर अपराजेय साबित हुए पटनायक

23 मई की सुबह जब उत्सुकता भरे वातावरण में मतगणना शुरू हुई, तो भाजपा समर्थकों समेत कई लोग यह मानकर चल रहे थे कि शेष भारत की तरह यहां भी मोदी सुनामी का असर दिखेगा. लेकिन, वोटों की गिनती खत्म होते-होते म...

अर्जुन ने उठाया गांडीव निशाने पर ममता

आज पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस उसी मुकाम पर पहुंच गई है जहां आज से एक दशक पहले वाम मोर्चा था. इस चुनाव में भाजपा उसके लिए एक बड़ी चुनौती बन कर उभरी है. 2014 में दो सीट जीतने वाली पार्टी ने इस बार...

मुस्लिम समुदाय : प्रतिनिधित्व के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल हुई. अकेले भाजपा को 30३ सीटें मिलीं. इस बार विपक्ष ने मुस्लिम वोट पाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था. यही वजह है कि 2014 की तुलना में इस बार...

आप क्यों हो गई साफ

एक तथ्य यह भी है कि पार्टी के कई विधायकों ने लोकसभा चुनाव से खुद को दूर रखा. उन्होंने उम्मीदवारों को वह समर्थन नहीं दिया, जिसकी जरूरत थी. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि ऐसे विधायक अपने नेता यानी अरविंद...

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