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क़द्दावर चेहरों के बीच आर-पार की लड़ाई

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अश्विनी चौबे ने जगदानंद सिंह को एक लाख से अधिक वोटों से पराजित किया था. इस बार भी दोनों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा के ददन पहलवान...

राजनीतिक हिंसा का अंतहीन सिलसिला

सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले ने कहा था, बंगाल जो आज सोचता है, वह भारत कल सोचता है. गोखले की बातों से किसी को इंकार नहीं हो सकता, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और उसके बाद भी बं...

क्षेत्रीय क्षत्रपों के अंत की शुरुआत

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के लोकसभा उपचुनाव में तीन सीटें जीतने के बाद महागठबंधन (सपा-बसपा-रालोद) का आत्मविश्वास बढऩा लाजिमी था. लेकिन, यह आत्मविश्वास इतनी जल्दी डिग जाएगा, इसका अंदाजा शायद ही मायावती...

कांग्रेस का बढ़ा वोट आप क्लीन बोल्ड

दिल्ली दिल्ली की राजनीति ने फिर करवट ली. भाजपा ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया और आम आदमी पार्टी की सारी संभावनाओं पर पानी फेर दिया. दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की...

कैसे बचेगा माय और महागठबंधन

जैसा किसी ने नहीं सोचा, वैसा जनादेश बिहार की सियासत की नई पटकथा लिखने वाला है. एनडीए सूबे में 33 से ऊपर जाएगा, यह कहने वाले लोग तो कई थे, लेकिन उनके दावे में भरोसा कम झलकता था. वे पार्टी लाइन पर ऐसे द...

सड़क से संसद तक सिर्फ़ मोदी

यह चुनाव ऐतिहासिक है. इसलिए नहीं कि जीत ऐतिहासिक है. इसलिए कि इस चुनाव ने कई राजनीतिक मिथक तोड़ दिए हैं. इस चुनाव ने मुद्दों को पुनर्परिभाषित कर दिया है. इस चुनाव ने जाति-धर्म के नाम पर बनने वाले गठबं...

बाबुओं की समीक्षा

मोदी सरकार नौकरशाही को सुव्यवस्थित और गतिरोध दूर करने के लिए काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पिछले चार सालों के दौरान यानी 2015 और 2018 के बीच केंद्र ने 1100 से अधिक आईएएस अधिकारियों के सर्विस रि...

चाबी से नहीं, फिंगर टच से खुलता है ताला

भारतीय बाजार में अब स्मार्ट ताले भी आ चुके हैं, जिनमें फिंगर प्रिंट स्कैनर होता है, जो स्मार्ट फोन में दिए गए फिंगर प्रिंट स्कैनर की तरह काम करता है. यानी ताला उंगली टच करने से ही खुल जाता है. इस ताले...

मोदी का तूफान और न्याय का दीया

चुनावी राजनीति के अखाड़े में तार-तार होती मर्यादा ने इस बार पूरी तरह जता दिया कि उसने राजनेताओं की सहोदर होना छोड़ दिया है. जनसभाओं एवं रैलियों में लोगों को रिझाने के लिए राजनेताओं ने एक-दूसरे पर जिस...

भारी-भरकम जीत के अपने-अपने दावे

चुनावी कारवां गुजर चुका है, अब फिजां में सिर्फ गुबार ही गुबार है. आम जन को २३ मई का इंतजार है, जब ईवीएम नतीजे देना शुरू करेगी. हालांकि, मैदान में निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे बीजद और भाजपा ने अभी से एक-दू...

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