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दोहरी चोट के बावजूद हार नहीं मान रहे शरद यादव

चुनाव चिन्ह दावा ख़ारिज होने के बाद राज्यसभा की सदस्य्ता का भी खतरा

ओपिनियन पोस्ट
जनता दल यूनाइटेड में मची अंदरूनी कलह अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। चुनाव आयोग से पार्टी पर उनका दावा ख़ारिज होने के बावजूद जेडीयू के नेता शरद यादव अभी भी दावा कर रहे हैं कि पार्टी पर उनका अधिकार है और असली जेडीयू उनके साथ है। आपको बता दें कि नीतीश कुमार के द्वारा आरजेडी से गठबंधन खत्म कर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना लेने के बाद से शरद यादव के बागी तेवर दिख रहे हैं। शरद यादव ने बीजेपी से गठबंधन का विरोध करते हुए पार्टी का असली समर्थन उनके पास होने का दावा किया था।
ईसी ने चुनाव चिन्ह को किया खारिज
इस बीच चुनाव आयोग ने शरद यादव गुट के जेडीयू चुनाव चिन्ह तीर को खारिज कर दिया है। बुधवार को शरद यादव ने कहा कि संवैधानिक तरीके से पार्टी पर उनका अधिकार है और 17 सितंबर को दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई पार्टी की कार्यकारिणी बैठक असंवैधानिक है। उन्‍होने दावा किया कि जदयू की राज्‍यों की ज्‍यातर इकाईयां उनके साथ है। चुनाव आयोग के निर्णय के बारे में यादव ने कहा कि आयोग को जो भी कागजात और सबूत चाहिए वो समय आने पर उपलब्‍ध कराए जाएंगे। उन्‍होने कहा कि आयोग में उन लोगों ने दावा किया जिनको जदयू से निष्‍कासित किया जा चुका है।
17 सिंतबर को राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
शरद यादव ने 17 सितंबर को जदयू की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्‍ली में बुलाई है। उस बैठक में तय किया जाएगा कि 8 अक्‍टूबर को राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई जाए या नहीं।
राज्‍यसभा से नहीं देंगे इस्तीफा इस्‍तीफा
इस बीच शरद यादव ने ये साफ कर दिया है कि वो राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यसभा के सभापति की ओर से जो पत्र उन्‍हें मिला है उसका जवाब जल्‍द ही दिया जाएगा।
जयपुर में एकजुट होगा विपक्ष दिल्ली के बाद शरद यादव एक साझा विरासत बचाओ सम्‍मेलन का आयोजन जयपुर में करेंगे। ये सम्मेलन 14 सितंबर को आयोजित होगा। इससे पहले दिल्‍ली और इंदौर में यह कार्यक्रम आयोजित हो चुका है।

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