‘रोमियो’ और महिलाओं की दुश्‍वारियां

ओपिनियन पोस्ट
Fri, 24 Mar, 2017 16:57 PM IST

लखनऊ।

एंटी रोमियो स्क्वॉयड। जी हां, इसकी गूंज पूरे उत्‍तर प्रदेश में सुनाई दे रही है। वैसे रोमियो शब्‍द तो उचित नहीं लगता, अलबत्‍ता उसके लिए मनचला शब्‍द कहीं अधिक उपयुक्‍त लगता है। एंटी रोमियो स्क्वॉयड की कार्रवाई का विरोध भी खूब हो रहा है, लेकिन दो ऐसी घटनाएं घटी हैं, जिनसे यह साबित होता है कि उत्‍तर प्रदेश में महिलाओं का घर से बाहर निकलना कितना दुश्‍वार हो गया है।

पहली घटना यूपी के बरेली में एंटी रोमियो स्क्वॉयड टीम को लीड कर रही सिविल ड्रेस में एक लेडी आईपीएस के साथ घटी जो उस वक्त मनचलों का शिकार हो गई, जब वह लड़कियों की शिकायत पर बरेली कॉलेज के बाहर खड़े लड़के से पूछताछ करने गईं थी। वहां सिगरेट पी रहे एक मनचले ने रौब दिखाते हुए उन्हीं के मुंह पर सिगरेट का धुआं छोड़ दिया। घटना के बाद चार मनचलों को हिरासत में लिया गया है।

दूसरी घटना लखनऊ के चार बाग रेलवे स्‍टेशन की है। पिछले आठ साल से अदालती जंग लड़ रही गैंगरेप की शिकार 35 वर्षीय एक महिला गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है,  क्योंकि बृहस्‍पतिवार को लखनऊ पहुंची एक ट्रेन में दो पुरुषों ने उसे पकड़कर जबरदस्ती तेज़ाब पीने के लिए मजबूर कर दिया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महिला से मुलाकात करने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां वह आईसीयू में भर्ती है। मुख्यमंत्री ने महिला के लिए एक लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की और पुलिस को आदेश दिया कि वह जल्द से जल्द महिला पर तेजाब से हमला करने वालों को गिरफ्तार करे।

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इस महिला के साथ वर्ष 2008 में रायबरेली में गैंगरेप किया गया था और उसके पेट पर तेज़ाब फेंका गया था। इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था और जल्द ही मामले की सुनवाई शुरू होने जा रही है। महिला के पति का कहना है कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रही हैं।

महिला तीन दिन पहले अपने बच्चों से मिलने के लिए लखनऊ से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर बसे ऊंचाहार इलाके में गई थी और बृहस्‍पतिवार को वहां से लौटते समय ट्रेन में उस पर हमला किया गया। महिला के पति ने कहा, “अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री स्वयं आए, लेकिन मैं चाहता हूं कि उन लोगों को गिरफ्तार किया जाए।”

यह महिला एक ऐसे कैफे में काम करती है, जो तेज़ाब की शिकार महिलाओं को काम पर रखता है। महिला के पति ने कहा, “मैं बहुत गरीब आदमी हूं, लेकिन मैं यह केस इसलिए लड़ता रहा, क्योंकि मुझे अपनी पत्नी पर विश्वास है।”

एंटी रोमियो स्क्वॉयड नाम के मतलब को यदि नजर अंदाज कर दें तो इसके कार्य से प्रदेश में घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं की दुश्‍वारियां दूर होने की उम्‍मीद पैदा हुई है। एंटी रोमियो स्क्वॉयड, पुलिस और विरोधियों से सजग रहने की उम्‍मीद की जानी चाहिए।

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