सूचना का अधिकार कानून-2005 जानने का अधिकार, जीने का अधिकार

ओपिनियन पोस्ट
Fri, 08 Feb, 2019 16:44 PM IST

ओपिनियन पोस्ट इस अंक से अपने पाठकों के लिए सूचना के अधिकार कानून पर लगातार जानकारियां प्रकाशित करेगा. पहले अंक में हम आपको सूचना के अधिकार कानून से जुड़े सामान्य सवालों के जवाब से रूबरू करा रहे हैं. अगले अंक से हम किसी एक विषय पर आरटीआई आवेदन भी प्रकाशित करेंगे.

RTIसूचना के अधिकार कानून के विषय में सामान्य सवाल मुझे सूचना कौन देगा? मैं आवेदन किसके पास जमा करूं?

सभी सरकारी विभागों के एक या एक से अधिक अधिकारियों को लोक सूचना अधिकारी  नियुक्त किया गया है. आपको अपना आवेदन उनके पास ही जमा करना है. यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे आपके द्वारा मांगी गई सूचना विभाग की विभिन्न शाखाओं से एकत्र करके आप तक पहुंचाएं. इसके अलावा बहुत से अधिकारी सहायक लोक सूचना नियुक्त किए गए हैं, जिनका काम सिर्फ जनता से आवेदन लेकर उसे संबंधित  जन सूचना अधिकारी के पास पहुंचाना है.

मुझे जन सूचना अधिकारी के पते की जानकारी कैसे मिलेगी?

यह पता लगाने के बाद कि आपको किस विभाग से सूचना मांगनी है, लोक सूचना अधिकारी के विषय में जानकारी उसी विभाग से मांगी जा सकती है. लेकिन यदि आप उस विभाग में नहीं जा पा रहे हैं या विभाग आपको जानकारी नहीं दे रहा है, तो आप अपना आवेदन इस पते पर भेज सकते हैं:- लोक सूचना अधिकारी, द्वारा-विभाग प्रमुख, (विभाग का नाम व पता). यह उस विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी होगी कि उसे संबंधित  लोक सूचना अधिकारी के पास पहुंचाए. आप विभिन्न सरकारी वेबसाइटों से भी लोक  सूचना अधिकारी की सूची प्राप्त कर सकते हैं.

क्या कोई जन सूचना अधिकारी मेरा आवेदन यह कहकर अस्वीकार कर सकता है कि आवेदन या उसका कोई हिस्सा उससे संबंधित नहीं है?

नहीं, वह ऐसा नहीं कर सकता. अनुच्छेद 6(3) के अनुसार, वह संबंधित विभाग के पास आपके आवेदन को भेजने और उसके बारे में आपको सूचित करने के लिए बाध्य है.

यदि किसी विभाग ने लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति न की हो, तो क्या करना चाहिए?

अपना आवेदन लोक सूचना अधिकारी द्वारा विभाग प्रमुख के नाम से नियत शुल्क के साथ संबंधित सरकारी अधिकारी को भेज दें. आप अनुच्छेद 18 के तहत राज्य के सूचना आयोग से भी शिकायत कर सकते हैं. सूचना आयुक्त के पास ऐसे अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाने का अधिकार है, जिसने आपका आवेदन लेने से इंकार किया है. शिकायत करने के लिए आपको सिर्फ सूचना आयोग को एक साधारण पत्र लिखकर यह बताना है कि अमुक विभाग ने अभी तक लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है और उस पर जुर्माना लगना चाहिए.

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क्या लोक सूचना अधिकारी मुझे सूचना देने से मना कर सकता है?

लोक सूचना अधिकारी सूचना के अधिकार कानून के अनुच्छेद 8 में बताए गए विषयों से संबंधित सूचनाएं देने से मना कर सकता है. इसमें विदेशी सरकारों से प्राप्त गोपनीय सूचनाएं, सुरक्षा अनुमानों से संबंधित सूचनाएं, रणनीतिक, वैज्ञानिक या देश के आर्थिक हितों से जुड़े मामले, विधान मंडल के विशेषाधिकार हनन संबंधित मामले से जुड़ी सूचनाएं शमिल हैं. अधिनियम की दूसरी अनुसूची में ऐसी 18 एजेंसियों की सूची दी गई है, जहां सूचना का अधिकार लागू नहीं होता है. फिर भी, यदि सूचना भ्रष्टाचार के आरोपों या मानवाधिकारों के हनन से जुड़ी हुई है, तो इन विभागों को भी सूचना देनी पड़ेगी.

क्या इसके लिए कोई शुल्क भी लगेगा?

हां, इसके लिए शुल्क निम्नवत है:-

आवेदन शुल्क 10 रुपये, सूचना देने का खर्च दो रुपये प्रति पृष्ठ

दस्तावेजों की जांच करने का शुल्क:-जांच के पहले घंटे का कोई शुल्क नहीं, लेकिन उसके बाद हर घंटे का पांच रुपये शुल्क देना होगा. यह शुल्क केंद्र एवं कई राज्यों के लिए ऊपर लिखे अनुसार है, लेकिन कुछ राज्यों में शुल्क दर इससे भिन्न है.

मैं शुल्क कैसे जमा कर सकता हूं?

आवेदन शुल्क के लिए हर राज्य की अपनी अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं. आम तौर पर आप अपना शुल्क निम्नलिखित तरीकों से जमा करा सकते हैं:-

स्वयं नकद जमा करा के (रसीद लेना न भूलें)

डिमांड ड्राफ्ट

भारतीय पोस्टल ऑर्डर

मनीऑर्डर द्वारा (कुछ राज्यों में लागू)

बैंकर्स चैक द्वारा (केंद्र सरकार के मामलों में इसे एकाउंट ऑफिसर्स के नाम देय होना चाहिए. कुछ  राज्य सरकारों ने इसके लिए निश्चित खाते खोले हैं. आपको उस खाते में शुल्क जमा करना होता है. इसके लिए स्टेट बैंक की किसी भी शाखा में नकद शुल्क जमा करके उसकी रसीद आवेदन के साथ नत्थी करनी होती है. या आप उस खाते के पक्ष में देय पोस्टल ऑर्डर या डीडी भी आवेदन के साथ संलग्न कर सकते हैं.कुछ राज्यों में आप आवेदन के साथ निर्धारित मूल्य का कोर्ट स्टांप भी लगा सकते हैं.)

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पूरी जानकारी के लिए कृपया संबंधित राज्यों के नियमों का अवलोकन करें.

मैं अपना आवेदन कैसे जमा कर सकता हूं?

आप व्यक्तिगत रूप से स्वयं लोक सूचना अधिकारी या सहायक लोक सूचना अधिकारी के पास जाकर या किसी को भेजकर आवेदन जमा करा सकते हैं. आप इसे लोक सूचना अधिकारी या सहायक लोक सूचना अधिकारी के पते पर डाक द्वारा भी भेज सकते हैं.  केंद्र सरकार के सभी विभागों के लिए 629 डाकघरों को केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी बनाया गया है. आप इनमें से किसी भी डाकघर में जाकर आवेदन और शुल्क जमा कर सकते हैं. वहां जाकर जब आप सूचना का अधिकार काउंटर पर आवेदन जमा करेंगे, तो वे आपको रसीद और एक्नॉलेजमेंट देंगे और यह उस डाकघर की जिम्मेदारी है कि तय समय सीमा में आपका आवेदन उपयुक्त लोक सूचना अधिकारी तक पहुंचाया जाए.

यदि लोक सूचना अधिकारी या संबंधित विभाग मेरा आवेदन स्वीकार नहीं करता, तो मुझे क्या करना चाहिए?

आप इसे डाक द्वारा भेज सकते हैं. अधिनियम की धारा 18 के अनुसार आपको संबंधित  सूचना आयोग में शिकायत भी करनी चाहिए. सूचना आयुक्त को उस अधिकारी के खिलाफ 25,000 रुपये तक जुर्माना लगाने का अधिकार है, जिसने आपका आवेदन लेने से मना किया है. शिकायत में आपको सूचना आयुक्त को सिर्फ एक पत्र लिखना होता है, जिसमें आप आवेदन जमा करते समय पेश आने वाली परेशानियों के विषय में बताते हुए लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने का निवेदन कर सकते हैं.

क्या सूचना प्राप्त करने की कोई समय सीमा है?

हां, यदि आपने जन सूचना अधिकारी के पास आवेदन जमा कर दिया है, तो आपको हर हाल में 30 दिनों के भीतर सूचना मिल जानी चाहिए. यदि आपने आवेदन सहायक लोक सूचना अधिकारी के पास दिया है, तो यह सीमा 35 दिनों की है. यदि सूचना किसी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है, तो सूचना 48 घंटों में उपलब्ध कराई जाती है. द्वितीय अनुसूची में शामिल संगठनों के लिए यह सूचना 45 दिनों तथा तृतीय पक्ष के मामलों में 40 दिनों में उपलब्ध कराने का प्रावधान है.

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क्या मुझे सूचना मांगने की वजह बतानी होगी?

बिल्कुल नहीं. आपको नाम, पता, फोन नंबर के अलावा कोई भी अतिरिक्त जानकारी नहीं देनी पड़ती है. धारा 6 (2) में स्पष्ट उल्लेख है कि आवेदक से उसके संपर्क के लिए जरूरी जानकारी के अलावा कोई भी जानकारी नहीं मांगी जानी चाहिए.

यदि मुझे सूचना नहीं मिलती, तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि आपको सूचना नहीं मिली या आप सूचना से असंतुष्ट हैं, तो आप अधिनियम की धारा 19 के तहत प्रथम अपील अधिकारी के पास प्रथम अपील डाल सकते हैं.

प्रथम अपील अधिकारी कौन होता है?

हर सरकारी विभाग में लोक सूचना अधिकारी से वरिष्ठ पद के एक अधिकारी को प्रथम अपील अधिकारी बनाया गया है. सूचना न मिलने या गलत मिलने पर पहली अपील इसी अधिकारी के पास की जाती है.

मैं कितने दिनों में प्रथम अपील दाखिल कर सकता हूं?

अधूरी या गलत सूचना प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर अथवा यदि कोई सूचना नहीं प्राप्त हुई है, तो सूचना के अधिकार का आवेदन जमा करने के 60 दिनों के भीतर आप प्रथम अपील दाखिल कर सकते हैं.

यदि प्रथम अपील दाखिल करने के बाद भी संतुष्टि दायक सूचना न मिले?

यदि प्रथम अपील दाखिल करने के बाद भी आपको सूचना नहीं मिली है, तो आप मामले को आगे बढ़ाते हुए दूसरी अपील कर सकते हैं.

दूसरी अपील क्या है?

सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए दूसरी अपील करना अंतिम विकल्प है. दूसरी अपील आप सूचना आयोग में कर सकते हैं. केंद्र सरकार के विभाग के खिलाफ अपील दाखिल करने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग है. सभी राज्य सरकारों के विभागों के लिए राज्यों में ही सूचना आयोग हैं.

 

 

 

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