सवालों के घेरे में पतंजलि के 32 उत्‍पाद

नई दिल्ली।

स्वदेशी और बेहतर उत्पादों का दावा करने वाले बाबा रामदेव को बड़ा झटका लगा है। पतंजलि के 40 प्रतिशत उत्पाद क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं जिसके बाद इनकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्‍वालिटी टेस्‍ट में असफल रहने के बाद अब बाबा रामदेव के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

मीडिया में चल रही खबरों की अगर मानें तो पतंजलि के 32 उत्‍पाद सवालों के घेरे में आ गए हैं जिनकी गुणवत्‍ता की परख उत्तराखंड स्थित हरिद्वार के आयुर्वेद और यूनानी कार्यालय में कराई गई। उसमें पतंजलि के उत्‍पाद फेल हो गए। आरटीआई के जवाब से यह मामला सामने आया है।

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार के आयुर्वेद व यूनानी ऑफिस ने जांच के बाद यह रिपोर्ट दी है। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार जांच के लिए 2013 से 2016 के बीच एकत्रित किए गए 82 सैंपल लिए गए थे जिनमें से 32 इस क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। जो उत्पाद टेस्ट में फेल हुए हैं उनमें इन उत्पादों में पतंजलि का दिव्य आंवला जूस व शिवलिंगी बीज भी शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार इन उत्पादों में तय मानकों के अनुपात में पीएच वैल्यू बेहद कम है। पिछले माह ही पश्चिम बंगाल की जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में पतंजलि के आंवला जूस का गुणवत्ता परीक्षण किया था। परीक्षण की जो रिपोर्ट सामने आई, उसके बाद से ही सशस्त्र बलों के कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट ने आंवला जूस को बेचने से इंकार कर रोक लगा दी थी।

2013 से 2016 के बीच एकत्र किए गए 82 नमूनों में से, 32 प्रोडक्ट क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए। योग गुरु बाबा रामदेव की 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के कई उत्‍पादों पर पहले भी सवाल उठे हैं। बाबा को इससे पहले सेना के कैंटीन डिपार्टमेंट से बड़ा झटका लगा था। कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट ने अपनी कैंटीन में पतंजलि आयुर्वेद के आंवला जूस की बिक्री पर रोक लगा दी है।

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