न्यूज फ्लैश

राष्ट्रपति चुनाव – मतदान संपन्न, नतीजे 20 को

24 जुलाई को खत्म हो रहा प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल

देश के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान संपन्न हो गया। 20 जुलाई को चुनाव के नतीजे की घोषणा की जाएगी। पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संसद में बने मतदान केंद्र में अपना वोट डाला। उनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित तमाम मंत्रियों, सांसदों ने वोट डाला। राष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच सीधा मुकाबला है। इसके लिए कुल 32 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। अलग-अलग राज्यों के विधानसभाओं में मुख्यमंत्रियों और विधायकों ने भी अपना वोट डाला।

वोट डालने से पहले प्रधानमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘गर्मी के बाद पहली वर्षा एक नई सुगंध मिट्टी में भर देती है। जीएसटी की सफल वर्षा के कारण पूरा संसद सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा हुआ होगा। जब देश के सभी राजनीतिक दल, सभी सरकारें सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रहित के तराजू पर तोलकर फैसला करती हैं, तो कितना महत्वपूर्ण राष्ट्रहित का काम होता है, वह जीएसटी में सफल और सिद्ध हो चुका है।’

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने भी रामनाथ कोविंद की जीत की उम्मीद जताते हुए कहा, ‘रामनाथ कोविंद जी अच्छे  और सम्मानजनक अंतर से जीतेंगे।’ वहीं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी जीते लेकिन अगला राष्ट्रपति अनुसूचित जाति से होगा और ये हमारे आंदोलन और पार्टी की बड़ी जीत है।

आपको बता दें कि संसद तथा विधानसभाओं में मतदान सुबह 10 बजे शुरू हो गया था जो शाम पांच बजे खत्म हुआ। मतदान के लिए सांसदों को ‘हरा’ और विधायकों को ‘गुलाबी’ मतपत्र दिया गया था। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं। राज्यों की विधान परिषद के सदस्य इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं।इस चुनाव में कुल 4896 मतदाता (4120 विधायक और 776 सांसद) अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र थे।लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है। राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं।

तय है कोविंद की जीत 

60 फीसद मतों के साथ कोविंद की जीत तय लग रही है। चूंकि राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की ओर से व्हिप जारी नहीं किया जाता है, इसलिए चुनाव में क्रॉस वोटिंग होने की भी संभावना रहती है। माना जा रहा है कि कोविंद राजग के बाहर से मिले वोटों के दम पर प्रणब मुखर्जी से ज्यादा मतों के साथ चुनाव जीत सकते हैं। साल 2012 के चुनाव में प्रणब मुखर्जी ने 69 फीसद वोट हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी पीए संगमा को हराया था। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12,000 और मतों की जरूरत है। हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन और एआईएडीएमके के एक धड़े से समर्थन मिलने पर राष्ट्रपति चुनाव में वोटों की कमी का अंतर पूरा हो जाएगा।

विशेष पेन से वोटिंग

इस बार का चुनाव दो मायनों में खास रहा। पहला यह कि वोटर मतदान कक्ष में अपना पेन नहीं ले जा सके। उन्हें चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले खास पेन से ही वोट करना पड़ा। दूसरी बात यह कि आयोग ने वोटरों के लिए पहली बार ‘क्या करें और क्या नहीं करें’ का स्पेशल पोस्टर तैयार कराया था। इसमें खास पेन के इस्तेमाल करने के साथ ही यह हिदायत भी दी गई है कि किसी प्रत्याशी के पक्ष में निर्देश या व्हिप जारी नहीं किए जाएं।

खास पेन की जरूरत क्यों

पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में इंक के कारण कुछ मत रद हो गए थे। इस पर भारी विवाद हुआ था। इसी के बाद आयोग ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में खास पेन के इस्तेमाल का फैसला किया। वोटरों को खास सीरियल नंबर वाले बैंगनी (वायलेट) इंक वाले पेन से ही वोट मार्क करना था। आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के समय ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी अन्य पेन का इस्तेमाल करने पर वोट अमान्य कर दिया जाएगा।

55 सांसदों ने डाला राज्यों में वोट

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर समेत 55 सांसदों को राज्य विधानसभाओं में वोट डालने की इजाजत मिली। इनमें 14 राज्यसभा और 41 लोकसभा के सदस्य हैं। इसके अलावा पांच विधायकों ने संसद भवन स्थित मतदान केंद्र में वोट डाला।

23 को प्रणब दा के लिए विदाई समारोह

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों के सांसद 23 जुलाई को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को विदाई देंगे। परंपरा के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन राष्ट्रपति मुखर्जी के लिए एक विदाई भाषण देंगी।
The following two tabs change content below.
ओपिनियन पोस्ट

ओपिनियन पोस्ट

ओपिनियन पोस्ट एक राष्ट्रीय पत्रिका है जिसका उद्देश्य सही और सबकी खबर देना है। राजनीति घटनाओं की विश्वसनीय कवरेज हमारी विशेषज्ञता है। हमारी कोशिश लोगों तक पहुंचने और उन्हें खबरें पहुंचाने की है। इसीलिए हमारा प्रयास जमीन से जुड़ी पत्रकारिता करना है। जीवंत और भरोसमंद रिपोर्टिंग हमारी विशेषता है।
ओपिनियन पोस्ट
About ओपिनियन पोस्ट (2733 Articles)
ओपिनियन पोस्ट एक राष्ट्रीय पत्रिका है जिसका उद्देश्य सही और सबकी खबर देना है। राजनीति घटनाओं की विश्वसनीय कवरेज हमारी विशेषज्ञता है। हमारी कोशिश लोगों तक पहुंचने और उन्हें खबरें पहुंचाने की है। इसीलिए हमारा प्रयास जमीन से जुड़ी पत्रकारिता करना है। जीवंत और भरोसमंद रिपोर्टिंग हमारी विशेषता है।

Leave a comment

Your email address will not be published.

*