दो प्रदेशों में बदले भाजपा अध्‍यक्ष

नई दिल्ली। दो प्रदेशों दिल्‍ली और बिहार में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष बदल दिए गए हैं। अभि‍नेता और सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है। नित्यानंद राय बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बनाए गए हैं। मनोज तिवारी को सतीश उपाध्याय की जगह तो नित्यानंद राय को मंगल पांडे की जगह प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा के पार्टी संविधान के मुताबिक हर तीन साल में इसके अध्यक्ष बदले जाते हैं। पिछले साल दिल्ली और बिहार को छोड़कर सभी राज्यों के अध्यक्ष बदल दिए गए थे। अब दिल्ली और बिहार में भी इसी के तहत यह बदलाव हुए हैं।

दोनों ही राज्यों में साल भर पहले विधानसभा चुनाव हुए थे और यहां भाजपा विपक्षी दल की भूमिका में है। यानी इन राज्यों में अगले विधानसभा चुनाव चार साल बाद होने हैं। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष बदलने से पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए पर्याप्त वक्त मिलेगा।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी बिहार से आते हैं। दिल्ली में पूर्वांचल के वोटरों की तादाद ठीक-ठाक है और चुनावों के दौरान ये काफी हद तक निर्णायक साबित होते हैं। इसी वजह से भाजपा ने मनोज तिवारी को दिल्ली में अपना चेहरा बनाया है।

45 साल के मनोज दिल्ली में रह रहे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत के साथ ही मनोज तिवारी पार्टी की दिल्ली की राजनीति का एक अहम चेहरा बन गए थे।

कहा जा रहा है कि मनोज तिवारी को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनाने पर सहमति एमसीडी के वार्डों के उपचुनाव से पहले ही बन गई थी, लेकिन उपचुनावों की वजह से प्रदेश अध्यक्ष बदलने के फैसले को टाल दिया गया था।

मनोज तिवारी युवा नेता हैं और इनकी इमेज भी साफ-सुथरी है। सांसद बनने के बाद मनोज तिवारी अक्सर अपने क्षेत्र की जनता के साथ दिखते रहे हैं और शायद इस वजह से भी वह पार्टी आलाकमान की पसंद बने हैं।

50 साल के नित्यानंद राय फिलहाल बिहार के उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। नित्यानंद यादव जाति से हैं। ऐसे में बिहार के यादव वोटरों में सेंध लगाने की तैयारी के तहत नित्यानंद को कमान सौंपी गई है।

बतौर विधायक नित्यानंद राय का ट्रैक रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है। इससे पहले वह लगातार चार बार हाजीपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं। हाईकमान ने ईमानदार छवि और लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने के चलते युवा नेता नित्यानंद पर भरोसा जताया है। नित्यानंद राय को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपकर आलाकमान ने युवा वोटरों को लुभाने की भी कोशिश की है।

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